भरत तिवारी एनकाउंटर पर बढ़ा सियासी पारा: मुकेश सहनी और JDU ने घेरी सरकार, हिसाब लेने की चेतावनी
News Image

पटना: बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद न केवल विपक्ष, बल्कि सत्ताधारी दल के नेता भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। राज्य में बढ़ते पुलिस एनकाउंटर पर अब तीखी बहस छिड़ गई है।

मुकेश सहनी का बड़ा हमला विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी ने प्रदेश में बढ़ती एनकाउंटर की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जब से सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनी है, एनकाउंटर के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है जो पूरी तरह गलत है।

संविधान को कुचल रही है सरकार मुकेश सहनी ने मुजफ्फरपुर के पप्पू एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उस समय फर्जी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच हुई होती, तो आज यह नौबत नहीं आती। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, यह सरकार संविधान को कुचलकर बनी है। जनता आने वाले समय में इसका पूरा हिसाब लेगी।

JDU सांसद ने भी उठाए सवाल हैरानी की बात यह है कि नीतीश कुमार की पार्टी (JDU) के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनकाउंटर होना बिल्कुल भी ठीक नहीं है, खासकर तब जब कोई व्यक्ति पुलिस की शरण में हो और सरेंडर कर चुका हो।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल विपक्ष की ओर से अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ रही है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि एनकाउंटर निष्पक्ष था, तो अब तक रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?

जांच के आदेश, पर प्रदर्शन जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक जांच कमेटी का गठन किया है। हालांकि, कमेटी के गठन के बाद भी राजनीतिक दलों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। एनकाउंटर की पारदर्शिता को लेकर प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

हवा में अटकीं सांसें: 200 फीट की ऊंचाई पर 4 घंटे लटका रहा पैराग्लाइडर, मौत को दी मात

Story 1

शादी से लौटते मेहमान, हाथ जोड़कर आकाशदीप ने क्यों की मंच से भावुक अपील?

Story 1

मधेपुरा में कचरे का साम्राज्य: क्या नगर परिषद की लापरवाही शहर को ले जाएगी महामारी की ओर?

Story 1

32 साल का जल सूखा खत्म: हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता, शेखावाटी को मिलेगी नई जीवनधारा

Story 1

फ्रांस म्यूज़िक फेस्टिवल बना अखाड़ा: रेप, चाकूबाजी और नीडल स्पाइकिंग से दहला पेरिस

Story 1

काश बाली ट्रिप की साजिश समझ जाते केतन, तो आज जिंदा होते; हत्या की पूरी कहानी

Story 1

शिवसेना में बड़ी टूट: 6 सांसदों का शिंदे गुट में जाना, स्पीकर के पाले में गेंद

Story 1

इंस्टाग्राम का सर्वर डाउन: घंटों परेशान रहे हजारों यूजर्स, क्या आप भी हुए प्रभावित?

Story 1

एशियाई खेलों से बाहर किए जाने पर मनिका बत्रा का आर-पार: रियायत नहीं, पारदर्शिता चाहिए

Story 1

पासवर्ड का झंझट खत्म! अब सिर्फ OTP से सुलझेंगी आपकी पेंशन की दिक्कतें, लॉन्च हुआ ‘पेंशन सहायक’ AI पोर्टल