सदन में रील से रियल का स्वैग: CM विजय की मिमिक्री देख सन्न रह गई DMK, विधानसभा में मचा सियासी बवाल
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तमिलनाडु विधानसभा का मंगलवार का सत्र ऐतिहासिक और नाटकीय रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री विजय और विपक्षी दल DMK के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। सीएम विजय ने न केवल तीखे प्रहार किए, बल्कि पूर्व सीएम एमके स्टालिन की मिमिक्री कर सदन का माहौल बदल दिया।

स्टालिन के इशारे पर कॉमेडी और तंज सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व सीएम एमके स्टालिन के उस चर्चित हाथ के इशारे की नकल की, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह इशारा स्टालिन ने गठबंधन की बातचीत के बाद किया था। सीएम द्वारा सदन में इस अंदाज़ को पेश करते ही सत्ता पक्ष की बेंचों से तालियां गूंज उठीं, जबकि DMK सदस्य सकते में आ गए।

भ्रष्टाचार पर CM का जीरो टॉलरेंस मुख्यमंत्री विजय ने DMK पर सीधा हमला करते हुए पार्टी फंड के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में बख्शने की कोई नीति नहीं अपनाई जाएगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

विपक्ष का वॉकआउट मुख्यमंत्री के तीखे तेवर और आरोपों से तिलमिलाई DMK के विधायकों ने सदन में भारी हंगामा किया और अंततः वॉकआउट कर दिया। हंगामे के बीच स्पीकर जेसीडी प्रभाकर को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा और विपक्षी सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने व मुख्यमंत्री को अपनी बात पूरी करने देने की अपील करनी पड़ी।

गठबंधन की राजनीति पर सफाई अपनी सरकार पर लग रहे दलबदल के आरोपों का जवाब देते हुए विजय ने कहा कि DMK का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि सीपीआई (एम) और आईयूएमएल जैसे दलों ने अपनी मर्जी से फैसले लिए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष खुद विरोधाभासी बातें कर रहा है—एक तरफ वे दावा करते हैं कि ये दल स्वतंत्र हैं, तो दूसरी तरफ उन पर टीवीके (TVK) के साथ जाने का आरोप लगाते हैं।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और नशे के कारोबार पर नकेल कसना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार चुनौतियों से निपटने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विधानसभा में मुख्यमंत्री का यह आक्रामक रुख राज्य की आगामी राजनीति के लिए बड़े संकेत दे रहा है।

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