लंच में 1 मिनट की देरी, तो 1 घंटे की सजा: ऑफिस का क्रूर नियम देख भड़के लोग
News Image

सोशल मीडिया पर एक ऑफिस का नोटिस इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस नोटिस में दिए गए नियम इतने सख्त हैं कि लोग इसे ऑफिस नहीं, जेल बता रहे हैं। इसमें कर्मचारियों को लंच ब्रेक को लेकर बेहद कड़े निर्देश दिए गए हैं।

सिर्फ 30 मिनट का समय वायरल नोटिस के अनुसार, कर्मचारियों को लंच के लिए केवल 30 मिनट का समय दिया गया है। नियम यह है कि यदि कोई कर्मचारी लंच खत्म करने में 1 मिनट की भी देरी करता है, तो उसे सजा भुगतनी होगी। सजा के तौर पर उस कर्मचारी को शाम को 6 बजे के बाद 60 मिनट तक अतिरिक्त काम करना होगा।

बिना पैसे का ओवरटाइम नोटिस में साफ कहा गया है कि इस 60 मिनट के फोकस टाइम के लिए कंपनी कोई अतिरिक्त भुगतान (Unpaid) नहीं करेगी। यानी, अगर आपने गलती से 31 मिनट का लंच लिया, तो आपको दफ्तर में एक घंटा मुफ्त में काम करना होगा। नोटिस के अंत में चेतावनी देते हुए बड़े अक्षरों में लिखा है— जल्दी खाओ (Eat Faster)।

माइक्रोमैनेजमेंट या अनुशासन? सोशल मीडिया पर यह पोस्ट सामने आते ही बहस छिड़ गई है। अब तक इसे लाखों लोग देख चुके हैं। ज्यादातर यूजर्स इसे माइक्रोमैनेजमेंट और शोषण का घटिया उदाहरण बता रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कंपनी 1 मिनट की देरी पर 1 घंटे का जुर्माना लगा रही है, तो कर्मचारियों को भी हर एक्स्ट्रा मिनट के लिए कंपनी से 1 घंटे का ओवरटाइम चार्ज वसूलना चाहिए।

दो गुटों में बंटे नेटिजन्स जहां एक पक्ष इसे कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों का हनन बता रहा है, वहीं कुछ लोगों ने कंपनी का समर्थन भी किया है। कुछ का मानना है कि अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे नियम जरूरी हैं। एक बिजनेसमैन ने तर्क दिया कि बिजनेस चलाना आसान नहीं है और समय की बर्बादी से कंपनी को नुकसान होता है।

कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा? विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियम न केवल कर्मचारियों के बीच नाराजगी पैदा करते हैं, बल्कि कंपनी के प्रति उनका भरोसा भी खत्म कर देते हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने चेतावनी दी कि यदि मैनेजमेंट ऐसी नीतियां बनाएगा, तो अच्छे कर्मचारियों का इस्तीफा देना तय है।

अस्वीकरण: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

स्टार्मर के इस्तीफे पर ट्रंप का बड़ा बयान: दोस्त तो हैं, लेकिन खुद अपने ही हाथों से किया बर्बादी का काम

Story 1

पूर्णिया विश्वविद्यालय नामांकन अपडेट: पहले चरण में 23,702 छात्रों ने लिया दाखिला, जानें कॉलेजों का हाल

Story 1

सुपौल सदर अस्पताल: आज किन डॉक्टरों से मिलेगा इलाज? OPD और इमरजेंसी ड्यूटी लिस्ट जारी

Story 1

नीली जर्सी पहनते ही छलके वैभव सूर्यवंशी के आंसू, 15 साल की उम्र में सच हुआ सबसे बड़ा सपना

Story 1

भवानीपुर चुनाव विवाद: कलकत्ता हाई कोर्ट ने EVM और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का दिया आदेश

Story 1

भरत तिवारी एनकाउंटर: BJP की दो टूक - जांच पूरी होने तक चुप रहें नेता

Story 1

टीएमसी नेता टीना साहा के घर छापा: बरामद हुआ 3 किलो सोना, सब्यसाची दत्ता की निशानदेही पर खुली पोल

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप 2026: मेसी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, एम्बाप्पे और हालैंड की आंधी में उड़े प्रतिद्वंद्वी

Story 1

प्रपोज करते ही लगा गोल का झटका! उरुग्वे फैन की अंगूठी और केप वर्डे का धमाका

Story 1

अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाला: SIT ने सौंपी रिपोर्ट, FIR और ट्रस्ट में बड़े बदलाव की सिफारिश