लखनऊ अग्निकांड: 10 साल पहले ही गिराने का आया था आदेश, LDA की एक फाइल ने ली 15 मासूमों की जान
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लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को हुई भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक गेमिंग जोन में लगी आग में 15 स्कूली बच्चों की जलकर मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है, लेकिन शुरुआती पड़ताल में जो सामने आया है, वह प्रशासन की गंभीर लापरवाही की पोल खोलता है।

10 साल पहले जारी हुआ था ध्वस्तीकरण का आदेश मामले की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसे गिराने का आदेश आज से 10 साल पहले ही जारी हो चुका था। साल 2016 में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।

2 महीने में ही खत्म हो गई कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत 10 मई 2016 को एलडीए ने इमारत को तोड़ने का आदेश दिया था। हालांकि, महज दो महीने बाद ही 5 जुलाई 2016 को बिना किसी ठोस कारण के इस आदेश को रद्द कर दिया गया। एलडीए की इसी एक चूक या मिलीभगत के कारण अवैध निर्माण सुरक्षित बच गया और आज 15 बच्चों की जान पर भारी पड़ गया।

शिकायतों के बाद भी सालों तक जारी रही व्यावसायिक गतिविधियां इमारत का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, लेकिन वहां धड़ल्ले से कमर्शियल गतिविधियां चल रही थीं। पिछले 12 सालों में इस अवैध निर्माण की कई बार शिकायतें की गईं। फाइलों पर जांच के आदेश भी हुए, लेकिन एलडीए के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली और कार्रवाई के नाम पर शून्य रहा। परिणाम यह हुआ कि जिस इमारत को 2016 में गिर जाना चाहिए था, वह 2026 तक मौत का जाल बनी रही।

30 अधिकारियों पर लटकी तलवार बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद अब हरकत में आए एलडीए ने 2014 से 2026 के बीच तैनात रहे अधिकारियों की सूची खंगालनी शुरू कर दी है। इस अवधि में जोनल अधिकारी, इंजीनियर और विहित प्राधिकारी समेत करीब 30 अधिकारी इस क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

एसआईटी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन परिस्थितियों में ध्वस्तीकरण का आदेश रद्द किया गया और किन अधिकारियों ने शिकायतों को नजरअंदाज किया। 7 दिनों के भीतर एसआईटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपेगी।

क्या यह हादसा सिर्फ एक घटना है या सिस्टम की अनदेखी का परिणाम? अब जांच ही तय करेगी कि इन 15 बच्चों की मौत का असली जिम्मेदार कौन है।

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