उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका: शिवसेना (UBT) के 6 सांसद बागी, नागेश पाटिल आष्टिकर ने थामा शिंदे का हाथ
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को एक और गहरा जख्म मिला है। पार्टी के लोकसभा सांसद नागेश पाटिल आष्टिकर ने खुलकर स्वीकार कर लिया है कि वे अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो चुके हैं।

कौन हैं नागेश पाटिल आष्टिकर? नागेश पाटिल आष्टिकर हिंगोली लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे अपनी संगठनात्मक पकड़ और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत नेटवर्क के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विचारधारा से नहीं भटके हैं, बल्कि एक शिवसेना से दूसरी शिवसेना में गए हैं।

विकास कार्यों का हवाला देते हुए छोड़ी पार्टी आष्टिकर ने अपने इस्तीफे के पीछे विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को मुख्य कारण बताया है। उनका कहना है कि विपक्षी खेमे में रहने के कारण उनके संसदीय क्षेत्र में विकास के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल पा रहा था। पांच करोड़ की सांसद निधि क्षेत्र की जरूरतों के लिए नाकाफी साबित हो रही थी।

संजय राउत को दो टूक जवाब पार्टी नेता संजय राउत ने बागी सांसदों को कड़ी चेतावनी देते हुए ऑपरेशन तुड़वा की धमकी दी थी। इस पर पलटवार करते हुए आष्टिकर ने कहा, राउत साहब पितातुल्य हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि हममें भी जवाब देने की क्षमता है। इसके क्या परिणाम होंगे, वे खुद भी अच्छी तरह जानते हैं।

6 सांसदों की बगावत और दल-बदल का गणित शिवसेना (UBT) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने बगावत के संकेत दिए हैं। दल-बदल कानून से बचने के लिए दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी है, जो इस बागी गुट के पास नजर आ रहा है।

बागी गुट में नागेश पाटिल आष्टिकर के अलावा ओमप्रकाश राजे निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव और भाऊसाहेब वाकचौरे के नाम शामिल हैं। इन सभी को पार्टी की ओर से कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, जिसका किसी ने जवाब नहीं दिया है।

बढ़ती सुरक्षा और राजनीतिक तनाव पार्टी के भीतर मची इस भगदड़ और बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने सभी 6 बागी सांसदों को Y-प्लस सुरक्षा प्रदान कर दी है। खुफिया एजेंसियां भी महाराष्ट्र की स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं।

आने वाले दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं। अब सबकी निगाहें धाराशिव के सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर पर टिकी हैं, जिनके स्टैंड के बाद बागी सांसदों का भविष्य पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा।

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