मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का आदिवासी बाहुल्य ग्राम निचेकोहड़ा आज पूरे छत्तीसगढ़ में एक नई पहचान बना चुका है। लगभग एक हजार की आबादी वाला यह गांव अब महज एक सामान्य बस्ती नहीं, बल्कि कला ग्राम के रूप में विख्यात है। यहां की संस्कृति इतनी जीवंत है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई किसी न किसी कला विधा में निपुण है।
निचेकोहड़ा की पहचान इसकी सदियों पुरानी नाचा परंपरा है। यहां की जय अंबे छत्तीसगढ़ी नाचा मंडली चार पीढ़ियों से लोककला की सेवा कर रही है। इस गांव ने स्वर्गीय भगवानी राम गंधर्व जैसे महान कलाकार दिए, जिन्हें नाचा विधा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आज भी यह परंपरा पूरे जोश के साथ जीवित है।
इस गांव की खूबी यह है कि यहां पढ़ाई-लिखाई के आंकड़ों से ज्यादा कला का कौशल मायने रखता है। जय मां सरस्वती रामधुनी मंडली के खिलावन भारद्वाज जैसे कलाकार औपचारिक शिक्षा से वंचित होने के बावजूद अपनी कला के बल पर एक पूरी मंडली का कुशल नेतृत्व कर रहे हैं। इनके लिए कला ही जीवन है और मंच ही उनका विद्यालय।
निचेकोहड़ा के कलाकार अपनी कला को केवल मनोरंजन का जरिया नहीं मानते। वर्तमान में सक्रिय नाचा कलाकार अंधविश्वास, दहेज प्रथा और शिक्षा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जन-जागरूकता फैला रहे हैं। यह गांव कला के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन चुका है।
इस गांव के कलाकारों की दरियादिली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपनी कला से अर्जित पुरस्कारों और आय का उपयोग व्यक्तिगत सुख के बजाय सामाजिक कार्यों में किया है। चाहे बाल कृष्ण रामधुनी मंडली द्वारा निर्मित भव्य शिव मंदिर हो या जय श्रीराम रामधुनी मंडली द्वारा बनवाया गया राम मंदिर, गांव के हर कोने में कलाकारों की साधना झलकती है।
गांव के उपसरपंच सुजानिक निर्मलकर बताते हैं कि यहां के अधिकांश लोग मजदूरी जैसे सामान्य कार्यों से जुड़े हैं, लेकिन अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने में वे किसी से पीछे नहीं हैं। आज यहां की युवतियां छत्तीसगढ़ी फिल्मों और म्यूजिक एल्बमों में भी नाम कमा रही हैं। नाचा, रामधुनी और धार्मिक आयोजनों में पूरी एकजुटता के साथ भाग लेना इस गांव की सामूहिक पहचान बन गई है।
*मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का निचेकोहड़ा गांव अपनी समृद्ध लोककला, नाचा परंपरा और रामधुनी मंडलियों के कारण पूरे प्रदेश में ‘कला ग्राम’ के रूप में पहचान बना चुका है।@MMACDistrict_CG #NichekohdaArtVillage #RamdhuniMandali #TribalCulture pic.twitter.com/q1F76ynu49
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) June 21, 2026
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