हुगली की लहरों पर 500 नावें: कोलकाता में योग का महाकुंभ रचने जा रहे PM मोदी
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12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारत एक और वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता इस ऐतिहासिक आयोजन का केंद्र बिंदु बनी है। शहर के ऐतिहासिक रेड रोड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 35 हजार लोग एक साथ योग करेंगे।

इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण हुगली नदी पर होने वाला योग प्रदर्शन है। सूरज की पहली किरण के साथ, हुगली की लहरों पर 500 से अधिक नावें एक कतार में तैरती नजर आएंगी, जिन पर सवार होकर लोग योग करेंगे। नदी की शांत लहरों के बीच योग का यह नजारा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा है।

इस बार की थीम: स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग

इस वर्ष योग दिवस की थीम Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग) रखी गई है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि योग केवल युवाओं के लिए शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हर उम्र में मानसिक शांति और दीर्घायु पाने का एक सटीक विज्ञान है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योग उम्र के साथ आने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों को धीमा कर बुढ़ापे को भी ऊर्जावान बना सकता है।

21 जून का गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्य

21 जून की तारीख का चुनाव संयोग नहीं है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन (ग्रीष्म संक्रांति) है। वहीं, आध्यात्मिक परंपरा के अनुसार, इसी दिन आदिगुरु भगवान शिव ने हिमालय की कंदराओं में सप्तऋषियों को योग का परम ज्ञान देना शुरू किया था। इसे योग के अवतरण का प्रतीक माना जाता है।

शून्य से शिखर तक: UN में रखी गई नींव

योग को वैश्विक मंच दिलाने की कहानी 12 साल पहले शुरू हुई थी। 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। महज कुछ महीनों के भीतर, 11 दिसंबर 2014 को 177 देशों के समर्थन से इसे मंजूरी मिली, जो संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में किसी भी प्रस्ताव को मिला सबसे तेज और बड़ा समर्थन था।

पिछले 11 सालों का गौरवशाली सफर

पिछले एक दशक में योग दिवस ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं:

वैश्विक स्तर पर योग का जादू

आज योग केवल भारत की धरोहर नहीं, बल्कि वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है। अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और दक्षिण अफ्रीका समेत 190 से अधिक देशों में 2500 से अधिक जगहों पर मेगा इवेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं। कोलकाता की रेत और लहरों पर हो रहे इस भव्य प्रदर्शन के साथ भारत एक बार फिर दुनिया को स्वस्थ शरीर और शांत मन का संदेश देने के लिए तैयार है।

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