छत्तीसगढ़ बना निवेशकों का नया हॉटस्पॉट : औद्योगिक नीति 2024-30 से मिला लाखों करोड़ का बूस्ट
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छत्तीसगढ़ अब देश के सबसे तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्रों में गिना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने निवेश के नए द्वार खोले हैं। सुगम प्रक्रिया और आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज के चलते राज्य ने रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं।

निवेश का नया रोडमैप

1 नवंबर 2024 से प्रभावी यह नीति 2030 तक जारी रहेगी। सरकार ने स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, पूंजी निवेश पर अनुदान, ब्याज सहायता और पेटेंट सपोर्ट जैसी सुविधाएं दी हैं। सिंगल विंडो सिस्टम और ऑनलाइन अनुमोदन से उद्योगों की स्थापना अब पहले से कहीं अधिक सरल हो गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

समावेशी विकास और रोजगार का लक्ष्य

साय सरकार की नीति का मुख्य उद्देश्य केवल बड़े उद्योग नहीं, बल्कि सामाजिक समावेश भी है। महिलाओं, युवाओं, स्टार्टअप्स और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के लिए विशेष प्रोत्साहन रखे गए हैं। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ जमीनी स्तर पर रोजगार का सृजन हो रहा है।

निवेश का आंकड़ा: ₹7.83 लाख करोड़ के पार

राज्य सरकार के सक्रिय प्रयासों का असर अब आंकड़ों में दिखने लगा है:

कुल मिलाकर, अब तक राज्य को ₹7.83 लाख करोड़ से अधिक की निवेश रुचि प्राप्त हो चुकी है, जो छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर को दर्शाती है।

किन क्षेत्रों में है निवेशकों की होड़?

छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों से आगे निकलकर हाई-टेक सेक्टर में कदम रख चुका है। ग्रीन स्टील, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डेटा सेंटर और आईटी क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बने हैं। राज्य की खनिज संपदा और मजबूत भौगोलिक स्थिति इन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर

सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और सरल श्रम कानूनों के जरिए प्रशासनिक जटिलताओं को खत्म किया है। नवा रायपुर को एक प्रमुख डिजिटल और तकनीकी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। बेहतर रेल-सड़क कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने उद्योग जगत की उम्मीदों को नया पंख दिया है।

आने वाले वर्षों में, जब ये निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरेंगे, तो छत्तीसगढ़ न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि देश का एक प्रमुख औद्योगिक पावरहाउस बनकर उभरेगा।

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