अररिया-ठाकुरगंज रेलखंड की दुर्दशा: मात्र एक ट्रेन से ढोये जा रहे हजारों यात्री, अतिरिक्त परिचालन की मांग तेज
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पौआखाली (किशनगंज): बिहार के सीमांचल क्षेत्र में स्थित पौआखाली और आसपास के इलाकों के लिए रेल यात्रा एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है। अररिया-सिलीगुड़ी रेलखंड शुरू होने के बाद से ही यहां के लाखों यात्रियों को विभागीय उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों आम नागरिकों, व्यापारियों और मजदूरों के लिए रेलवे ने केवल एक जोड़ी लोकल ट्रेन की व्यवस्था की है।

भीड़ से बेहाल यात्री, निजी वाहनों पर मजबूर वर्तमान में इस रूट पर महज कटिहार-सिलीगुड़ी डीएमयू (ट्रेन संख्या 15701/15702) का परिचालन हो रहा है। सुबह 7:55 बजे पौआखाली पहुंचने वाली इस एकमात्र ट्रेन में इतनी भीड़ होती है कि यात्रियों के लिए तिल रखने की जगह नहीं बचती। ट्रेन की कमी के कारण आम लोग निजी वाहनों का सहारा लेने को विवश हैं, जो उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है।

समय सारणी की विसंगति से लोग परेशान ट्रेनों की लचर समय सारणी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन 15701 सुबह कटिहार से चलकर 10:00 बजे सिलीगुड़ी पहुंचती है, वहीं वापसी में ट्रेन 15702 दोपहर 12:50 बजे सिलीगुड़ी से रवाना हो जाती है। दोपहर के बाद सिलीगुड़ी से वापसी के लिए कोई सुचारू साधन न होने से नौकरीपेशा और छोटे व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जोगबनी से सिलीगुड़ी के बीच शाम 4:00 से 5:00 बजे के बीच एक अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेन चलाई जाए।

भारत-नेपाल सीमा पर सुविधाओं का अभाव पौआखाली स्टेशन भारत-नेपाल सीमा से सटे एक बड़े ग्रामीण क्षेत्र की जीवन रेखा है। यहां से हजारों युवा और मजदूर रोजगार की तलाश में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पटना जैसे शहरों का रुख करते हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने मांग की है कि लंबी दूरी की साप्ताहिक और दैनिक एक्सप्रेस ट्रेनों का पौआखाली स्टेशन पर ठहराव (Stoppage) दिया जाए ताकि सीमावर्ती इलाके की आबादी को इसका लाभ मिल सके।

जनप्रतिनिधियों से आर-पार की लड़ाई की चेतावनी इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन, अबूनसर आलम, अजय सिन्हा समेत अन्य स्थानीय नेताओं और व्यवसायियों ने निर्णय लिया है कि वे क्षेत्र के सांसद, मंत्रियों और विधायकों को इस बाबत ज्ञापन सौंपेंगे।

नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रेल मंडल ने इस विसंगति को जल्द दूर नहीं किया, तो सीमांचल की जनता अपनी मांगों को मनवाने के लिए लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी।

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