कुत्ते तो होते हैं, पर वफादार नहीं! —शिवसेना के 6 सांसदों की बगावत पर संजय राउत का तीखा प्रहार
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना-यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के पाला बदलने की खबरों ने राज्य के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम से बौखलाए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर बेहद तीखी टिप्पणी की है।

वफादारी पर राउत का कड़ा प्रहार संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते। इसके साथ उन्होंने केवल जय महाराष्ट्र! लिखकर बागी सांसदों पर सीधा निशाना साधा है। पार्टी के भीतर हुई इस बगावत को राउत ने कायरता करार दिया है।

दिल्ली से लेकर जयपुर तक सियासी ड्रामा संकट की शुरुआत तब हुई जब उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में अपने संसदीय दल की आपात बैठक बुलाई। पार्टी के कुल 9 सांसदों में से केवल 3 (अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे) ही बैठक में पहुंचे। बाकी के 6 सांसद—नागेश पाटिल-आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे—गायब रहे। रिपोर्टों के अनुसार, ये सभी बागी सांसद फिलहाल जयपुर के एक होटल में छिपे हुए हैं।

गद्दारों की सदस्यता रद्द कराने की तैयारी राउत ने बागी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी ने इनके खिलाफ सख्त कानूनी रुख अपना लिया है। सभी 6 सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। राउत ने कहा, हम इन सभी की संसद सदस्यता खत्म कराने के लिए हर कानूनी चौखट पर जाएंगे। यदि लोकसभा अध्यक्ष संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हैं, तो इन सभी की सदस्यता जाना तय है।

क्या है ऑपरेशन टाइगर ? महाराष्ट्र की गलियारों में उद्धव गुट को कमजोर करने के इस कथित मिशन को ऑपरेशन टाइगर कहा जा रहा है। शिंदे गुट के नेता चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया है कि ये सांसद पहले ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की कार्यशैली में अपना विश्वास जता चुके हैं और औपचारिकताओं का दौर जल्द पूरा हो जाएगा।

आखिरी सांस तक लड़ेंगे इतने बड़े झटके के बावजूद संजय राउत ने झुकने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना के 60 साल के संघर्ष और बालासाहेब ठाकरे के जन्मशताब्दी वर्ष में पार्टी इस राजनीतिक बुराई का अंत करने तक चैन से नहीं बैठेगी। देखना यह होगा कि क्या यह बगावत ठाकरे गुट का अस्तित्व समाप्त कर देगी या राउत अपनी कानूनी लड़ाई में जीत हासिल कर पाएंगे।

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