नीट पेपर लीक विवाद: थाली और चम्मच लेकर जंतर-मंतर पर उतरे छात्र, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
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नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर आक्रोश का केंद्र बन गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आज अपना दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मुख्य मुद्दा बनाया गया।

थाली-चम्मच के साथ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शनकारी अनोखे अंदाज में सरकार को घेरते नजर आए। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर समर्थकों ने अपने साथ थाली और चम्मच लेकर प्रदर्शन स्थल पर मार्च किया। यह विरोध मार्च 2020 में कोविड-19 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील का एक प्रतीकात्मक जवाब है। पार्टी का कहना है कि वे इस शोर के जरिए सोई हुई व्यवस्था को जगाना चाहते हैं।

महात्मा गांधी और अंबेडकर की तस्वीरें, छात्रों को श्रद्धांजलि विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लेकर पहुंचे। मंच के पास उन छात्रों के पोस्टर लगाए गए, जिन्होंने नीट विवाद और परीक्षा प्रणाली के दबाव के चलते कथित तौर पर आत्महत्या की है। पार्टी ने इसे छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक न्याय युद्ध करार दिया है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और मुआवजे की मांग अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग दोहराई है। उन्होंने मांग की है कि नीट विवाद के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उनका तर्क है कि इन परिवारों ने कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाया था, और अब वे पूरी तरह टूट चुके हैं।

सिस्टम की विफलता पर सवाल प्रदर्शन में शामिल जेएनयू के शोधार्थी रणविजय ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा, सरकार री-एग्जाम की तैयारी और टेलीग्राम बैन करने जैसे कामों में जनता का करोड़ों रुपये फूंक रही है, लेकिन कोई भी एजेंसी जवाबदेह नहीं है। क्या सरकार खुद परीक्षा कराने में सक्षम नहीं है?

सुरक्षा का कड़ा पहरा प्रदर्शन के चलते दिल्ली के जंतर-मंतर पर सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किए गए थे। स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस ने लगभग 270 बॉडी-वर्न कैमरों का उपयोग किया। प्रदर्शन स्थल के चारों ओर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है और मुख्य प्रवेश मार्गों पर सघन जांच जारी है। दिल्ली पुलिस के वीडियोग्राफर प्रदर्शन की हर गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं।

देशव्यापी आक्रोश CJP का दावा है कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर सहित देश के कई प्रमुख शहरों में भी छात्र सड़क पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता नहीं आती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

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