साजिश की महामारी? फाउची, वुहान लैब और वो राज जो वर्षों तक दबे रहे
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कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति को लेकर चल रही बहस में एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस की पूर्व निदेशक तुलसी गैबार्ड ने पद छोड़ने से पहले कुछ ऐसे गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, जिन्होंने वाशिंगटन से लेकर वैज्ञानिक जगत तक हड़कंप मचा दिया है।

फाउची पर सीधा प्रहार और गेन-ऑफ-फंक्शन का जाल गैबार्ड के खुलासे का सबसे अहम हिस्सा डॉ. एंथनी फाउची से जुड़ा है। दस्तावेजों के अनुसार, जब फाउची नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) के प्रमुख थे, तब उन्होंने चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में किए जा रहे विवादित शोधों के लिए अमेरिकी करदाताओं के करोड़ों डॉलर की फंडिंग मंजूर की थी। गैबार्ड का आरोप है कि इस गेन-ऑफ-फंक्शन शोध ने ही खतरनाक वायरस के फैलने का जोखिम पैदा किया।

सच्चाई को दबाने का सिस्टमेटिक खेल खुफिया फाइलों के मुताबिक, केवल शोध ही विवादित नहीं था, बल्कि उसे छिपाने की कोशिशें और भी गंभीर थीं। गैबार्ड ने आरोप लगाया कि फाउची और कुछ प्रभावशाली सरकारी अधिकारियों ने जानबूझकर एक ऐसी कहानी गढ़ी, जो वायरस के प्राकृतिक प्रसार की बात करती थी। इस नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया ताकि लैब लीक की थ्योरी पर चर्चा तक न हो सके।

व्हिसलब्लोअर्स की आवाज दबाने का आरोप दस्तावेजों में उन अंदरूनी सूत्रों (व्हिसलब्लोअर्स) का जिक्र है जिन्होंने शुरू में ही आधिकारिक निष्कर्षों पर सवाल उठाए थे। गैबार्ड का दावा है कि जो विश्लेषक या अधिकारी अलग राय रखते थे, उन्हें करियर खराब करने की धमकियां दी गईं और महत्वपूर्ण जांच प्रक्रियाओं से दूर रखा गया। यह खुलासा सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच पर बड़े सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस में झूठ का दांव? विवाद का केंद्र जून 2024 में संसद (कांग्रेस) में दी गई फाउची की वह गवाही है, जिसमें उन्होंने खुफिया एजेंसियों के साथ अपने संबंधों को लेकर कुछ बातें छिपाई थीं। गैबार्ड का कहना है कि अब सामने आए दस्तावेज़ और फाउची की तत्कालीन गवाही में स्पष्ट विरोधाभास है। हालांकि, इन कानूनी आरोपों की पुष्टि के लिए अभी गहन जांच की दरकार है।

आगे क्या होगा? फिलहाल डॉ. एंथनी फाउची की ओर से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन गैबार्ड के इस दांव ने अमेरिका में एक नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि क्या यह महज एक प्रशासनिक चूक थी या कोई सोची-समझी साजिश? अब सभी की निगाहें आने वाली स्वतंत्र जांच और उन सबूतों पर हैं जो भविष्य में और भी कई परतें खोल सकते हैं।

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