UNSC में पाकिस्तान का फिर रोड़ा अटकाने का प्रयास, सिंधु जल संधि पर भारत को घेरने की कोशिश
News Image

न्यूज डेस्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत को घेरने की नाकाम कोशिश की है। पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सिंधु जल संधि के बहाने यूएनएससी का दरवाजा खटखटाया है। यह महज दो महीने के भीतर दूसरी बार है, जब पाकिस्तान ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया है।

क्या है पाकिस्तान का नया पैंतरा? संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने जून 2026 के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष लियोनोर जालाबाटा टोरेस को इशाक डार का एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में पाकिस्तान ने भारत पर सिंधु जल संधि के उल्लंघन और कथित अवैध कार्रवाई का आरोप लगाया है। पाकिस्तान का दावा है कि भारत के कदम दक्षिण एशिया की स्थिरता और जल सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

अप्रैल में मिली थी असफलता दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल 2026 में भी पाकिस्तान ने इसी तरह की अर्जी सुरक्षा परिषद में लगाई थी। उस समय भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब दोबारा उसी मुद्दे को उठाकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा है, ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके।

भारत का रुख: खून और पानी साथ नहीं बह सकते भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि सिंधु जल संधि 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही निलंबित (Abeyance) है। भारत का यह स्टैंड अटल है कि आतंकवाद और द्विपक्षीय बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते।

आतंकवाद पर भारत की सख्ती विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में फिर दोहराया कि सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद के चलते संधि को निलंबित किया गया है। भारत का रुख साफ है: जब तक पाकिस्तान पूरी तरह से आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, किसी भी समझौते पर सामान्य स्थिति बहाल नहीं की जाएगी। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि कश्मीर का पूरा भू-भाग, जिसमें पीओके भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है।

यूएन का क्या है अगला कदम? हालांकि सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष ने पाकिस्तान का पत्र स्वीकार कर लिया है, लेकिन इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम केवल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना प्रोपेगेंडा फैलाने की कवायद है, जबकि यूएन में इस पर किसी ठोस कदम की संभावना न के बराबर है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

19,650 करोड़ का विकास या लापरवाही? पहली ही बारिश में टपकने लगा नवी मुंबई एयरपोर्ट

Story 1

मौलाना सज्जाद नोमानी का हिंदू अल्पसंख्यक वाला बयान: गरमाई सियासत, भाजपा विधायक ने दी कड़ी चुनौती

Story 1

बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करो: अभिषेक बनर्जी की लोकसभा स्पीकर से दो-टूक मांग

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप: इस्माइल कोने की खौफनाक चोट से सन्नाटा, मैदान पर रो पड़े खिलाड़ी

Story 1

बारिश में अतरंगी डांस का नशा, युवक के बैलेंस ने इंटरनेट पर मचाया तहलका

Story 1

PM किसान योजना: 23वीं किस्त कल जारी, कहीं आपका नाम भी तो रिजेक्शन लिस्ट में नहीं?

Story 1

नीरज चोपड़ा की दमदार वापसी: दोहा डायमंड लीग में रुमेश थारंगा से होगी कड़ी टक्कर

Story 1

12 साल से एक ही जगह पर खड़े हैं शिवभक्त, पैरों की हालत देख दंग रह गई दुनिया

Story 1

UNSC में पाकिस्तान का फिर रोड़ा अटकाने का प्रयास, सिंधु जल संधि पर भारत को घेरने की कोशिश

Story 1

एलओसी पर दिखी मानवता की मिसाल: भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के हाथ मिलाने वाली तस्वीर हुई वायरल