स्पाइडरकैम से गेंद टकराने पर क्यों नहीं दी जाती नो बॉल ? जानिए क्या कहता है ICC का नियम
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क्रिकेट के खेल में अब तकनीक का बोलबाला है। मैदान पर हवा में उड़ता स्पाइडरकैम दर्शकों को खेल का अद्भुत नज़ारा दिखाता है। लेकिन कई बार यही स्पाइडरकैम खेल के बीच में बाधा बन जाता है। जब किसी बल्लेबाज का जोरदार शॉट हवा में जाते हुए स्पाइडरकैम से टकरा जाता है, तो फैंस के मन में एक बड़ा सवाल उठता है— क्या यह नो बॉल है?

स्पाइडरकैम से टकराने पर क्या होता है?

आपको बता दें कि स्पाइडरकैम से गेंद के टकराने पर उसे नो बॉल नहीं, बल्कि डेड बॉल (Dead Ball) घोषित किया जाता है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के अनुसार, यह खेल का हिस्सा नहीं बल्कि एक बाहरी बाधा मानी जाती है।

क्या कहता है ICC का नियम?

ICC की प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 20.1.1.3 के अनुसार, यदि गेंद स्पाइडरकैम, उसके सपोर्टिंग केबल या किसी भी बाहरी उपकरण से टकराती है, तो अंपायर तुरंत उसे डेड बॉल करार देते हैं। इस स्थिति में निम्नलिखित चीजें होती हैं:

गेंद को दोबारा डालना पड़ता है

जब भी गेंद स्पाइडरकैम से टकराती है, तो अंपायर को डेड बॉल का सिग्नल देना अनिवार्य होता है। इसके बाद उस गेंद को फिर से फेंका जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में न तो किसी टीम को पेनल्टी मिलती है और न ही किसी बल्लेबाज को आउट दिया जाता है। खेल वहीं से दोबारा शुरू होता है।

नो बॉल कब मानी जाएगी?

स्पाइडरकैम से टकराने पर गेंद को नो बॉल तभी माना जा सकता है, जब वह गेंद तकनीकी रूप से पहले से ही नो बॉल रही हो। उदाहरण के तौर पर, यदि गेंदबाज ने फुट-फॉल्ट किया हो या फील्डिंग टीम ने कोई अन्य उल्लंघन किया हो, और उसके बाद वह गेंद स्पाइडरकैम से टकराती है, तो उसे नो बॉल ही माना जाएगा। क्योंकि अंपायर ने गेंद के स्पाइडरकैम से टकराने से पहले ही उसे नो बॉल घोषित कर दिया था।

सिर्फ स्पाइडरकैम ही नहीं, ये भी हैं नियम

अकेला स्पाइडरकैम ही नहीं, बल्कि मैदान में मौजूद कोई भी बाहरी वस्तु जिससे गेंद टकराती है, उसे डेड बॉल घोषित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य खेल को निष्पक्ष रखना है ताकि मैदान पर मौजूद बाहरी उपकरणों से किसी भी टीम को अनुचित लाभ या हानि न हो।

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