शिवसेना की बैठक में गद्दार का शोर, क्या टूट की कगार पर है उद्धव ठाकरे का कुनबा?
News Image

नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) के भीतर का सियासी घमासान अब चरम पर है। दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की एक अहम बैठक ने पार्टी की एकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बैठक में शुरुआत में केवल संजय राउत, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे, जिसने पार्टी में संभावित फूट की अटकलों को हवा दे दी है।

जो नहीं आएंगे, वो गद्दार : संजय राउत बैठक से ठीक पहले संजय राउत ने बेहद तल्ख लहजे में बागी सांसदों को चेतावनी दी। उन्होंने दो टूक कहा, जो बैठक में आएंगे, वे हमारे हैं और जो नहीं आएंगे, वे बेईमान और गद्दार हैं। राउत का यह बयान सीधे तौर पर उन सांसदों पर निशाना है जो पार्टी आलाकमान से दूरी बनाए हुए हैं।

व्हिप का उल्लंघन पड़ा भारी? पार्टी ने इस बैठक के लिए सभी सांसदों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का व्हिप जारी किया था। अरविंद सावंत ने साफ कर दिया है कि व्हिप का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सभी सांसद आएंगे, तो उन्होंने केवल एक थम्ब्स-अप दिखाकर अपना भरोसा जताया, लेकिन स्थिति अभी भी धुंधली है।

क्या अलग गुट बनाने की है तैयारी? पार्टी में अंदरूनी खींचतान इस हद तक है कि चर्चा है कि कुछ सांसद लोकसभा में अपना अलग गुट बनाने की फिराक में हैं। लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के कुल नौ सांसद हैं। दल-बदल विरोधी कानून के तहत अलग गुट बनाने के लिए दो-तिहाई (6 सांसद) की जरूरत होती है। सूत्रों का दावा है कि छह सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपना समर्थन भी जताया है।

उद्धव ठाकरे के सामने वर्चस्व की लड़ाई अगर बागी खेमा छह सांसदों के साथ अपना दावा मजबूत करता है, तो उद्धव ठाकरे के लिए यह एक बड़ा झटका होगा। फिलहाल, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत उद्धव गुट के साथ मजबूती से खड़े दिख रहे हैं। वहीं, संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और संजय जाधव की चुप्पी ने पार्टी में बेचैनी बढ़ा दी है।

यह बैठक सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य और नेतृत्व की साख पर फैसला करने वाली साबित हो सकती है। क्या उद्धव की शिवसेना एक और बड़े विभाजन की ओर बढ़ रही है? इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

पेड्डी का बॉक्स ऑफिस धमाका: दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए मेकर्स का मास्टर स्ट्रोक

Story 1

अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता: वर्साय में ट्रंप और पेजेश्कियान ने भरी हुंकार

Story 1

पीएम मोदी की फ्रांस-स्लोवाकिया यात्रा का समापन: वैश्विक मंच पर दिखा भारत का दम

Story 1

स्कूल के एनुअल डे पर विवादित गाना और मुमताज कादरी की फोटो, जांच में जुटी पुलिस

Story 1

ईरान के परमाणु भंडार का क्या होगा? अमेरिका के साथ हुई महा-डील के पीछे छिपा है खतरनाक सच

Story 1

TVF का ऑफर मिले तो आंख मूंदकर हां कह दें: मामा जी फेम परितोष त्रिपाठी ने क्यों कही ये बड़ी बात?

Story 1

वैभव सूर्यवंशी का सुपरमैन कैच: जोंटी रोड्स की यादें ताजा, सोशल मीडिया पर वायरल

Story 1

NEET UG 2026: एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अब बैंक डिटेल्स की जरूरत नहीं, NTA का बड़ा फैसला

Story 1

ट्रंप की नसीहत पर भड़के ब्राजील के राष्ट्रपति, लुला का दो-टूक जवाब: हमारे चुनाव से दूर रहें

Story 1

पंचायत और गुल्लक बनाने वाली TVF का ये एक्टर है खास , बोले- इनका ऑफर मिले तो बिना सोचे कह दें हां