महाराष्ट्र की राजनीति में फिर उबाल: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) पर टूट का साया, संजय राउत की खुली चुनौती
News Image

दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलों के बीच पार्टी ने अपने सांसदों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

सांसदों के लिए व्हिप जारी, दिल्ली में जमावड़ा पार्टी ने अपने सभी 9 सांसदों को दिल्ली में होने वाली इस बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसे लेकर तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया गया है। उद्धव खेमे ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई सांसद बैठक में शामिल नहीं होता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्या है ऑपरेशन टाइगर ? सूत्रों का दावा है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बेहद गुप्त तरीके से ऑपरेशन टाइगर चलाया है। खबर है कि कुछ बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की है। हालांकि, इन बागी सांसदों की आधिकारिक एंट्री को कानूनी बारीकियों को समझने के लिए फिलहाल दो-तीन दिनों के लिए टाल दिया गया है।

संजय राउत ने भरी हुंकार बैठक से ठीक पहले शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने विरोधियों को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, वे सोचते हैं कि जो पहले किया था, वह फिर कर लेंगे। हिम्मत है तो करके दिखाएं। अगर हम अपनी पार्टी को नहीं बचा पाए, तो हम बालासाहेब ठाकरे की संतान कहलाने लायक नहीं रहेंगे।

ईडी-सीबीआई की धमकियों पर बेबाक रुख राउत ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर हमला बोलते हुए कहा कि वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, मैं पहले भी जेल जा चुका हूं और जरूरत पड़ी तो फिर जाने को तैयार हूं। लेकिन उससे पहले हम विरोधियों को लोकतांत्रिक तरीके से सबक सिखाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे के दम पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है।

2022 का इतिहास दोहराने की कोशिश? वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत ने उद्धव ठाकरे की सरकार गिरा दी थी और पार्टी के दो टुकड़े कर दिए थे। अब चार साल बाद एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है। यह बैठक उद्धव ठाकरे के लिए अपनी संसदीय पार्टी पर नियंत्रण बनाए रखने की अग्निपरीक्षा मानी जा रही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आने वाले 48 घंटे महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

पंचायत और गुल्लक के मेकर्स पर क्यों भरोसा करते हैं एक्टर परितोष त्रिपाठी? जानें क्या है पूरा मामला

Story 1

क्या श्रेयंका पाटिल का वर्ल्ड कप सफर हुआ खत्म? चोट के बाद रिप्लेसमेंट को लेकर संशय

Story 1

पेरिस में केम छो की गूंज: पीएम मोदी के स्वागत में उमड़ा भारतीय प्रवासियों का हुजूम

Story 1

द रिंग की डरावनी समारा और लिलो की आवाज़ नहीं रहीं: 35 की उम्र में डेवेघ चेस का निधन

Story 1

अमेरिका-ईरान जंग पर विराम: ट्रंप ने साइन किया शांति समझौता, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुलेगा

Story 1

सपा का कोई सांसद नहीं टूटेगा, राजभर को कोई गंभीरता से नहीं लेता : शिवपाल यादव का पलटवार

Story 1

नींद की ऐसी सजा: दुकानदार चैन की नींद सोता रहा, चोर ले उड़े किलो में सोना-चांदी

Story 1

19 जून का इंतजार क्यों नहीं? ट्रंप और ईरान के बीच पहले ही हो गई ऐतिहासिक डिजिटल डील

Story 1

लोकसभा परिसीमन पर थरूर का नायडू पर तीखा प्रहार, ड्राइवर की सैलरी से समझाया सियासी गणित

Story 1

महिला T20 वर्ल्ड कप: क्या टीम इंडिया की सेमीफाइनल राह है आसान? समझें गणित