अमेरिका ने अपने सबसे महत्वपूर्ण सैन्य कमांडों में से एक को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अमेरिकी युद्ध विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ वॉर) ने घोषणा की है कि अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) अब पुराने नाम अमेरिकी पैसिफिक कमांड (USPACOM) के रूप में जाना जाएगा।
यह नाम 2018 से पहले सात दशकों से अधिक समय तक उपयोग में था। उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने हिंद महासागर के बढ़ते रणनीतिक महत्व को देखते हुए इसमें इंडो शब्द जोड़ा था।
विभाग के अनुसार, इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य कमांड की ऐतिहासिक जड़ों और उसकी संस्थागत विरासत को सम्मान देना है। अधिकारियों का मानना है कि पुराने नाम की बहाली से प्रशांत क्षेत्र में तैनात सैन्यकर्मियों के बीच गर्व और सामूहिक भावना को मजबूती मिलेगी। इसे एक प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है जो सैन्य परंपराओं को प्राथमिकता देता है।
नाम बदलने के बावजूद, युद्ध विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा। कमांड की जिम्मेदारियां, रणनीतिक मिशन और भौगोलिक दायरा पहले की तरह ही रहेंगे।
इसका संचालन क्षेत्र अभी भी अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला रहेगा। इसमें प्रशांत और हिंद महासागर का बड़ा हिस्सा, पूर्वी व दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया सहित दक्षिण एशिया के क्षेत्र शामिल हैं। सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और आपदा राहत जैसे कार्य भी पूर्ववत जारी रहेंगे।
1 जनवरी 1947 को स्थापित यह कमांड अमेरिकी सेना की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी संयुक्त लड़ाकू इकाइयों में से एक है। राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन के कार्यकाल में बनी यह कमान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एशिया में सुरक्षा ढांचे की रीढ़ रही है।
कोरियाई युद्ध से लेकर वियतनाम युद्ध तक, इस कमांड ने सैन्य अभियानों का समन्वय किया है। हवाई स्थित अपने मुख्यालय से यह कमांड अमेरिका की स्वतंत्र और खुला थिएटर बनाए रखने की प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नाम में बदलाव प्रतीकात्मक है, रणनीतिक नहीं। भारत के साथ रक्षा सहयोग और क्वाड (QUAD) जैसे मंचों पर अमेरिका की सक्रियता पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
अमेरिकी युद्ध विभाग ने पुष्टि की है कि क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सहयोग और रक्षा तैयारियां पहले की तरह ही सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेंगी। संक्षेप में, नाम बदल गया है, लेकिन अमेरिका के लिए इस क्षेत्र की भू-राजनीतिक अहमियत आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
Department of War Restores U.S. Pacific Command Designation.
— U.S. Pacific Command (@INDOPACOM) June 16, 2026
CAMP H.M. SMITH, Hawaii — The Department of War announced today that the U.S. Indo-Pacific Command (USINDOPACOM) will officially restore its name to the U.S. Pacific Command (USPACOM).
Originally established on… pic.twitter.com/ZL0EL3q6Ph
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