टारगेट का प्रेशर छोड़ो, सुकून से सो जाओ: स्टार्टअप बॉस ने कर्मचारियों को बांटे 3-3 लाख रुपये के स्मार्ट गद्दे
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आज के दौर में जहां कंपनियां छंटनी (layoffs) का सहारा ले रही हैं, वहीं अमेरिका की एक AI स्टार्टअप कंपनी Factory ने अपने कर्मचारियों के लिए एक अनोखा रास्ता चुना है। इस कंपनी के CEO माटान ग्रिनबर्ग का मानना है कि ऑफिस में गेमिंग जोन या फ्री स्नैक्स से ज्यादा जरूरी कर्मचारियों की नींद है।

3 लाख के हाई-टेक गद्दे CEO माटान ग्रिनबर्ग ने अपनी शुरुआती 30 कर्मचारियों की टीम को स्मार्ट मैट्रेस कवर तोहफे में दिए हैं। इनकी कीमत करीब 3,000 डॉलर (लगभग 2.8 लाख रुपये) है। ये कोई साधारण गद्दे नहीं हैं; इनमें शरीर के तापमान को एडजस्ट करने की सुविधा है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसमें बेड की ऊंचाई को ऑटोमैटिक तरीके से एडजस्ट करने के फीचर भी मौजूद हैं।

एथलीटों जैसा अनुशासन ग्रिनबर्ग अपने इंजीनियरों की तुलना NBA के एथलीटों से करते हैं। उनका तर्क है कि जिस तरह एक खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के लिए फिटनेस और आराम पर ध्यान देता है, उसी तरह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मानसिक क्षमता पूरी तरह से उसकी नींद पर निर्भर करती है। उनका मानना है कि अच्छी नींद ही कंपनी की सफलता की असली चाबी है।

ऑफिस में शुगर पर लगा बैन सिर्फ गद्दे ही नहीं, CEO ने ऑफिस में खाने-पीने की आदतों में भी बड़ा बदलाव किया है। ऑफिस से प्रोसेस्ड शुगर (चीनी) वाले स्नैक्स को पूरी तरह हटा दिया गया है। इसके बजाय, अब कर्मचारियों को प्रोटीन चिप्स और हेल्दी स्नैक्स दिए जाते हैं। कंपनी का मकसद केवल दिखावा करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के फोकस और एनर्जी लेवल को लंबे समय तक बनाए रखना है।

तेजी से बढ़ रही है कंपनी साल 2023 में शुरू हुई यह स्टार्टअप कंपनी काफी तेजी से ग्रोथ कर रही है। अप्रैल में कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर (करीब 1,200 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है। इसमें Sequoia Capital और Blackstone जैसे बड़े निवेशक शामिल हैं। फिलहाल ये महंगे गद्दे शुरुआती टीम को मिले हैं, लेकिन CEO इसे भविष्य में कंपनी की स्टैंडर्ड सुविधा बनाने पर विचार कर रहे हैं।

बदल रहा है ऑफिस का कल्चर CEO का कहना है कि अन्य कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले एंटरटेनमेंट वाले पर्क्स केवल समय बिताने के लिए होते हैं, जबकि अच्छी नींद सीधे तौर पर स्वास्थ्य और उत्पादकता (productivity) से जुड़ी है। सोशल मीडिया पर भी इस कदम की काफी चर्चा है। लोग इसे एक हेल्दी वर्क कल्चर की दिशा में बड़ा बदलाव मान रहे हैं।

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