क्या 2027 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को वाकई विराट-रोहित की जरूरत है? इरफान पठान ने खोला बड़ा राज
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2026 टी20 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम की निगाहें अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर टिकी हैं। टीम इंडिया की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन क्रिकेट गलियारों में एक ही सवाल गूँज रहा है—क्या 39-40 साल की उम्र में रोहित शर्मा और विराट कोहली का टीम में होना जरूरी है?

इस बहस के बीच पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने एक बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार, साउथ अफ्रीका की कठिन परिस्थितियों में इन दो दिग्गजों का अनुभव टीम के लिए ब्रह्मास्त्र साबित हो सकता है।

साउथ अफ्रीकी पिचों पर हिटमैन का दबदबा

इरफान पठान का मानना है कि 2027 वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में खेला जाएगा, जहाँ की पिचें अपनी उछाल और स्विंग के लिए जानी जाती हैं। यहाँ रोहित शर्मा की तकनीक सबसे अधिक कारगर साबित होगी।

पठान ने कहा, रोहित की सबसे बड़ी ताकत शॉर्ट-पिच गेंदों को खेलना है। उनके पास शानदार टाइमिंग है और वे गेंद को बहुत जल्दी भांप लेते हैं। साउथ अफ्रीका की बाउंसी पिचों पर विपक्षी गेंदबाजों के खिलाफ रोहित बड़ी से बड़ी गेंद को बाउंड्री के बाहर भेजने की क्षमता रखते हैं।

विराट कोहली: मिडिल ऑर्डर की असली ताकत

विराट कोहली की भूमिका पर चर्चा करते हुए इरफान ने स्पष्ट किया कि वनडे क्रिकेट में कोहली का कोई सानी नहीं है। नंबर 3 पर उनकी बल्लेबाजी और मैच को फिनिश करने की कला टीम के लिए अनिवार्य है।

पठान ने आगे कहा, अगर टीम शुरुआत में विकेट गंवाती है, तो विराट पारी को संभालने में माहिर हैं। वे लंबी पारियां खेलना जानते हैं और लक्ष्य का पीछा करने (चेजिंग) में तो उनसे बेहतर दुनिया में कोई नहीं है। भारत को खिताब जीतना है, तो विराट का अनुभव मिडिल ऑर्डर में होना ही चाहिए।

क्या उम्र वाकई एक बाधा है?

रोहित और विराट के करियर के अंतिम पड़ाव पर होने के बावजूद, पठान का मानना है कि फिटनेस और फॉर्म से ऊपर मैच विनर का अनुभव है।

इरफान का तर्क है कि 2027 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में केवल युवाओं के भरोसे उतरना जोखिम भरा हो सकता है। वहां ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो दबाव में न टूटें और परिस्थिति के अनुसार खेलना जानते हों। रोहित और विराट इसी अनुभव के सबसे बड़े उदाहरण हैं।

क्या बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट वर्ल्ड कप तक इन दोनों दिग्गजों को साथ लेकर चलेगा या फिर नई पीढ़ी को मौका देने के लिए कोई कड़ा फैसला लेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

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