वेनेजुएला में अमेरिकी प्रहार: कुख्यात ट्रेन डी अरागुआ गैंग का सरगना ढेर!
News Image

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े सैन्य दावे से सनसनी फैला दी है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी सेना की दक्षिणी कमान ने वेनेजुएला में एक घातक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुख्यात गिरोह ट्रेन डी अरागुआ के सरगना हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस, जिसे नीनो गुरेरो के नाम से जाना जाता है, को मार गिराया है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस ऑपरेशन का एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें एक इमारत पर सटीक हमला होते और आग की लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई वेनेजुएला सरकार के साथ समन्वय में की गई।

क्या है आधिकारिक स्थिति?

इस दावे के बाद पूरी दुनिया की नजरें वाशिंगटन पर टिकी हैं। फिलहाल व्हाइट हाउस, पेंटागन या अमेरिकी दक्षिणी कमान की ओर से इस सैन्य कार्रवाई पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ट्रेन डी अरागुआ के आतंकियों के लिए दुनिया में अब कोई सुरक्षित कोना नहीं बचा है।

कौन है नीनो गुरेरो और इतना खतरनाक क्यों?

नीनो गुरेरो का नाम अमेरिका की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में उस पर ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, और गंभीर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने तो उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 लाख डॉलर (लगभग 48 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम इनाम भी रखा था।

ट्रेन डी अरागुआ : जेल से निकला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

ट्रेन डी अरागुआ को वेनेजुएला का सबसे ताकतवर अपराधी गिरोह माना जाता है। इसकी शुरुआत अरागुआ राज्य की टोकोरोन जेल से हुई थी, लेकिन समय के साथ यह गिरोह हत्या, अपहरण और मानव तस्करी जैसे अपराधों में लिप्त होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गया।

सितंबर 2023 में वेनेजुएला सरकार ने 11,000 सैनिकों के साथ टोकोरोन जेल पर धावा बोलकर इस गैंग का मुख्य ठिकाना ध्वस्त करने का प्रयास किया था, लेकिन नीनो गुरेरो तब बच निकलने में कामयाब रहा था। ट्रंप प्रशासन और उनके समर्थक लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अमेरिका के कई शहरों में बढ़ती हिंसा और अवैध ड्रग कारोबार के पीछे इसी गैंग का हाथ है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

असम में बड़ा विमान हादसा: लैंडिंग के बाद IAF का AN-32 क्रैश, 5 जवान शहीद

Story 1

टी20 वर्ल्ड कप से पहले स्कॉटलैंड को बड़ा झटका, स्टार स्पिनर अबताहा मकसूद टूर्नामेंट से बाहर

Story 1

कामाख्या में शक्ति का महापर्व: अंबुवाची मेले का शंखनाद, जानें क्यों खास है 2026 की यह यात्रा

Story 1

राजस्थान के किसानों की बल्ले-बल्ले: गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ी, बढ़ा लक्ष्य

Story 1

राफेल डील: फ्रांस की ना-नुकुर के बाद कैसे भारत की शर्तों पर दुनिया ने टेके घुटने?

Story 1

10.5 लाख की नौकरी छोड़ चुनी 8.5 लाख वाली WFH जॉब, बेंगलुरु की इस युवती के फैसले ने बदली बहस

Story 1

IND vs AFG: धर्मशाला में बारिश का साया, मैच रद्द होने की कगार पर; जानिए क्या है डेडलाइन?

Story 1

किसी से भी हार जाओ, लेकिन पाकिस्तान से नहीं : जेमिमा रोड्रिग्स के बयान ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें

Story 1

पंजाब में नवंबर में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव? केजरीवाल ने फूंका चुनावी बिगुल, भगवंत मान को फिर घोषित किया सीएम चेहरा

Story 1

वेनेजुएला में ट्रंप का सर्जिकल स्ट्राइक : ओसामा की तरह खल्लास हुआ अमेरिका का दुश्मन