व्हाइट हाउस के पास रहस्यमयी 8647 का खेल: क्या ट्रंप को है कोई बड़ा खतरा?
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वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल की घास पर उभरे 8647 नंबर ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर बने इन निशानों को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक गंभीर धमकी के रूप में देखा जा रहा है।

आखिर 8647 का मतलब क्या है? सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, ये संख्या महज एक रैंडम नंबर नहीं है। 86 का उपयोग अक्सर रेस्तरां उद्योग में किसी को बाहर निकालने या खत्म करने के संकेत के रूप में किया जाता है। वहीं, 47 को डोनाल्ड ट्रंप के 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति होने से जोड़कर देखा जा रहा है। इसे सीधे तौर पर ट्रंप को हटाने के एक कोड के रूप में व्याख्यायित किया जा रहा है।

प्रशासन सख्त, जांच शुरू व्हाइट हाउस के पास स्थित इस जगह पर ये निशान अचानक कैसे उभरे, यह रहस्य बना हुआ है। 5 जून तक वहां सब सामान्य था, लेकिन गुरुवार को अर्थकैम पर ये निशान साफ देखे गए। गृह विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ द इंटीरियर) ने इसे विक्षिप्त तोड़फोड़ करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यूएस पार्क पुलिस ने घास के नमूने लिए हैं और इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए जांच तेज कर दी है।

जेम्स कोमी भी फंस चुके हैं इस विवाद में यह पहली बार नहीं है जब 8647 को लेकर विवाद हुआ हो। इसी साल अप्रैल में एफबीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी विवादों में घिरे थे। उन्होंने समुद्र तट पर सीपियों से 8647 लिखा हुआ एक फोटो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसे ट्रंप प्रशासन ने हिंसा के आह्वान के रूप में देखा। कोमी ने अनभिज्ञता जताते हुए पोस्ट हटा दी थी, लेकिन यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा के बीच एक बड़ी बहस बन गया था।

ट्रंप का जन्मदिन और बढ़ता सुरक्षा घेरा यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका बड़े आयोजनों की तैयारी कर रहा है। रविवार, 14 जून को डोनाल्ड ट्रंप का जन्मदिन है और उसी दिन नेशनल मॉल में यूएफसी (UFC) मैच के लिए भारी भीड़ जुटने वाली है। इसके अलावा, 4 जुलाई 2026 को अमेरिका अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है।

इतिहास गवाह है: सुरक्षा को लेकर ट्रंप पर रहे हैं खतरे डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक करियर हत्या की कोशिशों और धमकियों से भरा रहा है। पेनसिल्वेनिया और फ्लोरिडा में हुए जानलेवा हमलों से लेकर व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई सुरक्षा चूक तक, पूर्व राष्ट्रपति हमेशा से एक हाई-प्रोफाइल टारगेट रहे हैं। इस ताजा घटना ने सीक्रेट सर्विस को अब और भी अधिक चौकन्ना कर दिया है।

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