तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी गुरुवार (11 जून, 2026) को कोलकाता स्थित भवानी भवन (CID मुख्यालय) पहुंचे। उन पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) के चयन से जुड़े कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ का सामना करने का दबाव था।
हाई कोर्ट का रुख और पेशी इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने बीमारी और कानूनी चुनौतियों का हवाला देते हुए CID के तीन समन को नजरअंदाज किया था। हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए शाम 6 बजे तक जांच एजेंसी के सामने पेश होने का कड़ा निर्देश दिया था। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए वे शाम करीब 5:50 बजे CID मुख्यालय पहुंचे।
छापेमारी और तलाशी का दौर पूछताछ से पहले, CID ने 9 जून को ममता बनर्जी के कालीघाट आवास, पार्टी के केंद्रीय कार्यालय और अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित दफ्तर पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। जांच एजेंसी मुख्य रूप से 6 मई की बैठक के मूल प्रस्ताव की कॉपी और 70 विधायकों के हस्ताक्षर वाली अटेंडेंस शीट की तलाश में थी, लेकिन उनके हाथ खाली रहे।
क्या है फर्जीवाड़े का पूरा विवाद? विवाद की जड़ 6 मई को हुई टीएमसी विधायकों की बैठक है। इसी बैठक के आधार पर अभिषेक बनर्जी ने सोवंदेब चट्टोपाध्याय को LoP, असीमा पात्रा और नयना बंद्योपाध्याय को उपनेता प्रतिपक्ष और फिरहाद हकीम को चीफ व्हिप नियुक्त करने की घोषणा की थी।
विधायकों के गंभीर आरोप पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष के पास शिकायत दर्ज कराई है। उनका दावा है कि 6 मई को LoP चयन का कोई प्रस्ताव पारित ही नहीं हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि रेजोल्यूशन बुक पर उनके हस्ताक्षर 6 मई को नहीं, बल्कि 19 मई को लिए गए थे। विधायकों का यह भी आरोप है कि 70 में से 14 हस्ताक्षर ब्लॉक लेटर्स में हैं, जो जालसाजी की ओर इशारा करते हैं।
राजनीतिक झटके का सामना इस पूरे प्रकरण में कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख फिलहाल टीएमसी नेतृत्व के लिए असहज करने वाला है। हाई कोर्ट के हालिया निर्देशों और विधायकों के आरोपों के चलते बंगाल की राजनीति में गरमाहट बढ़ गई है। फिलहाल, LoP के पद पर ऋतब्रत बनर्जी बने रहेंगे, जो ममता बनर्जी की सरकार और टीएमसी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
*#WATCH | West Bengal: TMC National General Secretary Abhishek Banerjee arrives at CID Office Bhawani Bhawan Alipore, Kolkata.
— ANI (@ANI) June 11, 2026
The Calcutta High Court has ordered him to visit the CID office in connection with an alleged signature forgery case. pic.twitter.com/thtv8DPeSK
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