आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने अपने जीवन से जुड़ा एक ऐसा खुलासा किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि अपनी किशोरावस्था के दौरान वे नक्सली बनने की कगार पर थे और बंदूक उठाना चाहते थे।
दुनिया के अन्याय से उपजा गुस्सा पवन कल्याण ने बताया कि यह बात 80 के दशक की है, जब वे महज 17-18 साल के थे। उस समय दुनिया भर में चल रहे आंदोलनों—जैसे दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद, श्रीलंका में LTTE का सक्रिय संघर्ष, कोल्ड वॉर और पंजाब का आतंकवाद—ने उनके मन में गहरी बेचैनी पैदा कर दी थी। उन्हें चारों तरफ अन्याय दिख रहा था, जिससे वे अंदर तक गुस्से में थे।
हिंसा को मानते थे समाधान पवन ने स्वीकार किया कि उस उम्र में उनका मानना था कि व्यवस्था को बदलने का एकमात्र रास्ता हिंसा ही है। वे छिपकर नक्सली जनसभाओं में जाने लगे थे और बंदूक उठाने का मन बना चुके थे। उन्होंने शांति की तलाश में मुंबई जाकर फिल्में और डॉक्यूमेंट्री बनाने की कोशिश की, लेकिन उनका मन आक्रोश से भरा हुआ था।
बड़े भाई के एक सवाल ने बदली तकदीर जब उनके बड़े भाई और सुपरस्टार चिरंजीवी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने पवन को डांटने के बजाय व्यावहारिक धरातल पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया। चिरंजीवी ने उनसे पूछा, अगर मैं (तुम्हारा भाई) न होता और तुम्हारे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी होती, तो क्या तुम तब भी वही रास्ता चुनते?
जिम्मेदारी का अहसास चिंरजीवी के उस सवाल ने पवन कल्याण को स्तब्ध कर दिया। उन्होंने बताया कि उस पल उन्हें समझ आया कि वे केवल इसलिए ऐसी बातों के बारे में सोच पा रहे थे क्योंकि उनके पास भाई के रूप में एक सुरक्षा कवच था। एक आम आदमी के लिए परिवार की जिम्मेदारी ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है।
इसी सीख ने पवन कल्याण को हिंसा का रास्ता छोड़ने और रचनात्मक जीवन की ओर बढ़ने में मदद की, जिसके परिणामस्वरूप वे आज एक सफल अभिनेता और राजनेता के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।
#WATCH | Andhra Pradesh Deputy CM Pawan Kalyan says, In my late teens, I wanted to pick up the gun and become a Naxalite. That s when my brother pushed me into a more constructive path...
— ANI (@ANI) June 10, 2026
Watch Full Episode Here: https://t.co/jDkN9XZ5tE pic.twitter.com/nETuCBRdlY
मोदी का झालमुड़ी डिप्लोमेसी : चिराग का साथ, तो कुशवाहा की दूरी; क्या हैं इसके सियासी मायने?
वैभव सूर्यवंशी का कहर: 200 के स्ट्राइक रेट से बरपाया चौकों का तूफान, अफगानिस्तान के खिलाफ खेली आक्रामक पारी
3 महीने की डेडलाइन! PNG कनेक्शन नहीं लिया तो बंद हो सकती है LPG सप्लाई
भीषण गर्मी से राहत: 11 जून से बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट
वैभव सूर्यवंशी का तूफान: महज 22 गेंदों में कूटे 44 रन, तोड़ दिया सचिन तेंदुलकर का बड़ा रिकॉर्ड
मणिपुर दहला: 28 दिन पहले लापता हुए 6 नागाओं की बेरहमी से हत्या, शव मिलते ही भड़का गुस्सा
कुर्सी पर बैठकर ही करने लगे योग, मुरादाबाद के DM राजेंद्र पेंसिया का वीडियो वायरल
राम मंदिर चंदा विवाद: बृजभूषण शरण सिंह के बयान से मची हलचल, बोले- सच बोला तो आ जाएगी आफत
कौन हैं महेंद्र मखीजानी? ₹830 करोड़ का बैंक फ्रॉड और सेक्स पार्टियों का घिनौना सच
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद! ईरान की खौफनाक चेतावनी से दहली दुनिया, क्या शुरू हो गया तीसरा विश्व युद्ध?