छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सिस्टम की विफलता और ग्रामीणों की लाचारी का जीता-जागता उदाहरण है। खरकेना गांव के लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं, और प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए उन्होंने विरोध का एक ऐसा तरीका अपनाया जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
सुशासन तिहार में अनोखा प्रदर्शन जिले में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया था। उम्मीद थी कि यहां अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं का समाधान मिलेगा। लेकिन खरकेना गांव के ग्रामीण जब यहां पहुंचे, तो उन्होंने कागज के आवेदन देने के बजाय अधिकारियों की पूजा शुरू कर दी। ग्रामीणों ने अधिकारियों की आरती उतारी और नारियल चढ़ाकर हाथ जोड़कर विनती की, अब तो पानी दे दो।
1200 की आबादी, बूंद-बूंद को मोहताज करीब 1200 की आबादी वाले खरकेना गांव में जल संकट विकराल है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में 800 से 1000 फीट गहरे बोर करने पर भी खारा पानी निकलता है, जो पीने लायक नहीं है। गांव के हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं। पाइपलाइन बिछाने की योजनाएं कागजों तक ही सीमित हैं और टैंकरों की व्यवस्था भी न के बराबर है।
कान पकड़कर की गुहार विरोध यहीं नहीं रुका। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने दंडवत प्रणाम किया और अपने कान पकड़कर अपनी पीड़ा जाहिर की। उनका कहना था कि वे अनगिनत बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला है। अधिकारियों के सामने आरती उतारना दरअसल उनकी उस हताशा का परिणाम है, जहां उन्हें लगता है कि शायद अब भगवान के रूप में ही अधिकारी उनकी सुध लें।
प्रशासन का फिर वही पुराना वादा इस अनोखे प्रदर्शन के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने एक बार फिर मामले को गंभीरता से लेने और स्थायी समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। हालांकि, ग्रामीण अब इन खोखले वादों से थक चुके हैं। फिलहाल, पूरा गांव इस उम्मीद में है कि क्या इस पूजा के बाद प्रशासन सच में उनकी प्यास बुझा पाएगा या फिर उन्हें अगली बार फिर किसी नए प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो व्यवस्था पर सवाल भी उठाती है और मजबूरी की हद भी दिखाती है. पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने शिविर में ही अधिकारियों की ही ‘पूजा’ शुरू कर दी. आरती उतारी, नारियल… pic.twitter.com/hMGBLozBhX
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) June 5, 2026
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