राज्यसभा चुनाव: झारखंड में तनातनी के बीच पवन खेड़ा का बड़ा दावा, बोले- सभी 7 सीटें जीतेंगे
News Image

नई दिल्ली: राज्यसभा के आगामी द्विवार्षिक चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपने सात उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को कर्नाटक से अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि झारखंड की एक सीट के लिए प्रणव झा को मैदान में उतारा गया है।

झारखंड को लेकर क्या है स्थिति?

झारखंड की राज्यसभा सीटों को लेकर कांग्रेस और झामुमो (JMM) के बीच वैचारिक और रणनीतिक तनातनी की खबरें जोरों पर हैं। गठबंधन के भीतर मची इस खींचतान के बीच कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने मोर्चा संभाल लिया है।

खेड़ा ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, हम राज्यसभा की सातों सीटें जीतने जा रहे हैं। झारखंड में भी जीत कांग्रेस की ही होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शनिवार को कर्नाटक से अपना नामांकन दाखिल करेंगे और वहां के लोगों की आवाज संसद में बुलंद करना उनकी प्राथमिकता होगी।

2029 में पूरी होगी तपस्या

अपनी उम्मीदवारी पर बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, मेरी तपस्या अभी अधूरी है। मेरी असली तपस्या साल 2029 में जाकर पूरी होगी। उनके इस बयान को भविष्य की बड़ी राजनीतिक तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है।

एलआईसी और राजेश एक्सपोर्ट्स पर सनसनीखेज आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार और सेबी (SEBI) पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने एलआईसी (LIC) के निवेश को लेकर बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाया।

खेड़ा ने दावा किया कि मार्च 2024 में एक शेयरहोल्डर द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद एलआईसी राजेश एक्सपोर्ट्स में लगातार पैसा निवेश करती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने सात महीने तक इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह सिलसिला जारी रहा।

एनर्जी कंपनियों को दरकिनार कर दिया गया काम

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राजेश एक्सपोर्ट्स का एनर्जी स्टोरेज सेक्टर से कोई लेना-देना नहीं है, बावजूद इसके मोदी सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने उन्हें 18,100 करोड़ रुपये का विशाल प्रोजेक्ट दे दिया।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि बिडिंग प्रक्रिया में सात ऐसी कंपनियां भी शामिल थीं जो सीधे तौर पर एनर्जी स्टोरेज सेक्टर से जुड़ी थीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि 15 लाख करोड़ से अधिक का कागजी निवेश दिखाने वाली कंपनी पर एजेंसियां क्यों खामोश हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

सेना की बढ़ी पावर : अब कमांडर खुद ले सकेंगे 100 करोड़ तक के बड़े फैसले

Story 1

बिना वजह भारत को उकसाने का खामियाजा: गिड़गिड़ाने पर मजबूर हुआ तुर्की, बदले सुर

Story 1

रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे से कर्नाटक में सियासी हलचल, डैमेज कंट्रोल में जुटे CM डीके शिवकुमार

Story 1

महाराजा ट्रॉफी 2026: केएल राहुल क्यों रह गए अनसोल्ड? जानिए नीलामी का कड़वा सच

Story 1

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में दिल्ली सरकार: अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, CM की हाई-लेवल बैठक आज

Story 1

स्कूल जाने का देसी जुगाड़ : बकरे की सवारी कर पढ़ने निकला बच्चा, वीडियो देख लोग बोले- पेट्रोल का पक्का इलाज

Story 1

ग्रेट निकोबार परियोजना: राहुल गांधी का बड़ा आरोप, बोले- रक्षा नहीं, होटल-कैसीनो के लिए हो रही तबाही

Story 1

देवभूमि में शर्मनाक हरकत! विदेशी महिला पर्यटक से बदतमीजी का वीडियो वायरल

Story 1

तमिलनाडु भाजपा में भगदड़: अन्नामलाई के साथ कई दिग्गज नेताओं ने छोड़ा साथ

Story 1

नैनीताल के नन्हे जादूगर का फैन हुए आनंद महिंद्रा, पढ़ाई से लेकर करियर तक उठाने की कही बात