BJP को अलविदा और नई पारी का आगाज़: अन्नामलाई ने किया अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान
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तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा फेरबदल हुआ है। पूर्व आईपीएस अधिकारी और बीजेपी के कद्दावर नेता रहे के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे के साथ ही उन्होंने अपनी खुद की नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है, जो राज्य का अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

बीजेपी सदस्य या तमिल? दुविधा में था मैं अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि उनके मन में लंबे समय से एक द्वंद्व चल रहा था कि वह एक बीजेपी कार्यकर्ता हैं या एक तमिल । उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को ही अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया था, लेकिन पार्टी के आग्रह पर उन्होंने चुनावों तक रुकने का फैसला किया।

मोदी का सम्मान, लेकिन वैचारिक मतभेद जारी अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनके मन में गहरा सम्मान है। उन्होंने पिछले 18 महीनों में पार्टी नेतृत्व के साथ अपने मतभेदों पर शांतिपूर्ण चर्चा की। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनके अनुभवहीन होने के बावजूद पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारियां दीं, उसके लिए वे आभारी हैं। हालांकि, तीन-भाषा नीति जैसे मुद्दों पर वे पार्टी लाइन से अलग अपनी विचारधारा पर अडिग रहे।

दूर बैठकर इस्तीफा भेजने वालों में से नहीं अपने इस्तीफे की प्रक्रिया पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे उन नेताओं में से नहीं हैं जो महज एक चिट्ठी भेजकर किनारा कर लेते हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और पार्टी की कार्यप्रणाली में महसूस की गई कमियों को गंभीरता से रखा। उन्होंने सम्मानपूर्वक और पारदर्शी तरीके से अलग होने का मार्ग चुना है।

कौन हैं के. अन्नामलाई? 2011 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने 2019 में सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति का रुख किया था। 2020 में बीजेपी में शामिल होने के बाद, वे तेजी से तमिलनाडु की राजनीति में उभरे। जुलाई 2021 से अप्रैल 2025 तक तमिलनाडु बीजेपी की कमान संभालने वाले अन्नामलाई अपनी आक्रामक कार्यशैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख के लिए युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय रहे हैं।

आगे की राह: आंदोलन की तैयारी अन्नामलाई ने कहा कि वे अब एक नए आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं। उनका लक्ष्य तमिलनाडु की जनता के लिए एक ऐसी राजनीति खड़ी करना है, जो केवल सत्ता के गलियारों तक सीमित न रहे। जल्द ही वे अपने समर्थकों, स्वयंसेवकों और नई टीम के साथ मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने रोडमैप का विस्तार करेंगे।

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