सरकारी प्रतिभूतियों पर टैक्स से छूट: विदेशी निकासी और गिरते रुपये के बीच सरकार का मास्टरस्ट्रोक
News Image

नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा देने और विदेशी निवेशकों का भरोसा वापस पाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में किए गए निवेश पर लगने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (LTCG) को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला किया है। इसके लिए एक अध्यादेश जारी कर आयकर अधिनियम में संशोधन किया गया है।

निवेशकों की भारी निकासी से दबाव यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड निकासी जारी है। साल 2026 में अब तक FIIs ने शेयर बाजार से 2.6 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं, जो पिछले साल की 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी से कहीं अधिक है। जून के शुरुआती दिनों में ही 34,000 करोड़ रुपये बाजार से बाहर चले गए, जिससे रुपये की स्थिति और अधिक नाजुक हो गई।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट और चुनौतियां अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। 20 मई, 2026 को रुपया 96.86 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इस वर्ष अब तक रुपये में करीब 7 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। कमजोर होते रुपये के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशियाई देशों का संकट, व्यापार घाटा और विदेशी पूंजी की रिकॉर्ड निकासी मुख्य कारण बने हुए हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार पर असर रुपये को संभालने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को लगातार अपने विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करना पड़ रहा है। फरवरी में 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाला भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, 22 मई तक गिरकर 681.38 अरब डॉलर रह गया है। सरकार की कोशिश है कि इस नए कर सुधार के जरिए डॉलर का प्रवाह बढ़ाया जाए और बाजार में स्थिरता लाई जाए।

निवेश बढ़ाने के लिए नए रास्ते सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक के तहत केवल टैक्स में राहत ही नहीं दी गई है, बल्कि RBI ने लंबी अवधि के कुछ सॉवरेन बॉन्ड्स को पूरी तरह सुलभ श्रेणी (Fully Accessible Route) में शामिल करने की अनुमति भी दी है। इससे विदेशी निवेशक बिना किसी सीमा के इन बॉन्ड्स में निवेश कर सकेंगे। बता दें कि बजट 2024 में LTCG दर को 10 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया था, जिससे निवेशकों में बेचैनी थी। सरकार का मानना है कि यह नई छूट दीर्घकालिक और स्थिर पूंजी निवेश को भारत की ओर आकर्षित करने में सफल होगी।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

उर्दू नाम वाले हो, लट्ठ तुम पर पड़ेगा : जंतर-मंतर प्रदर्शन से मुस्लिमों को दूर रहने की चेतावनी क्यों?

Story 1

राज्यसभा चुनाव: झारखंड में तनातनी के बीच पवन खेड़ा का बड़ा दावा, बोले- सभी 7 सीटें जीतेंगे

Story 1

IIT रुड़की का मास्टरस्ट्रोक: बोर्ड अंकों के भंवर में फंसे हजारों छात्रों को मिली बड़ी राहत

Story 1

पासिंग आउट परेड में कैप्टन का फिल्मी प्रपोजल: अनुशासन पर छिड़ी बहस का दिग्गजों ने दिया करारा जवाब

Story 1

T20 Blast: अंक तालिका के बादशाह बनने की जंग, सरे और हैम्पशायर में होगा महामुकाबला

Story 1

पिता ही बना यमराज: गोरखपुर में अपने कोख के टुकड़ों को दिया जहर, मासूमों की दर्दनाक मौत

Story 1

UN में पाकिस्तान की फिर फजीहत : कश्मीर का राग अलापा तो भारत ने दिखाया आईना

Story 1

नल से जल पर योगी का तंज: बोले- हम योजना ला रहे, तो कोई टोटी ही चोरी कर ले रहा

Story 1

मुजफ्फरपुर अग्निकांड: 5 मौतों पर जागी सरकार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दिए जांच के आदेश

Story 1

IND vs AFG: मुल्लांपुर में शुभमन गिल का बड़ा फैसला, मानव सुथार का टीम इंडिया के लिए शानदार डेब्यू