जब भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रूस की विदेश नीति पर कड़े और बेबाक दृष्टिकोण की बात आती है, तो मारिया व्लादिमीरोवना जखारोवा का नाम सबसे ऊपर आता है। अपनी तीखी और स्पष्टवादिनी शैली के कारण वह आज मॉस्को की सबसे प्रभावशाली आवाज बन चुकी हैं।
मारिया का जन्म 24 दिसंबर 1975 को मॉस्को में हुआ था। उनके पिता एक राजनयिक थे, जिसकी वजह से मारिया का बचपन बीजिंग (चीन) में बीता। कूटनीतिक माहौल में पले-बढ़े होने के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय संबंधों की समझ विरासत में मिली। उन्होंने मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस से पत्रकारिता और प्राच्य अध्ययन में डिग्री हासिल की है।
मारिया ने अपने करियर की शुरुआत विदेश मंत्रालय की पत्रिका डिप्लोमैटिक बुलेटिन से की थी। 2005 से 2008 के बीच संयुक्त राष्ट्र में रूसी मिशन की प्रेस सचिव के रूप में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। उनकी मेहनत का ही परिणाम था कि 2015 में उन्हें सूचना एवं प्रेस विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया। इस पद पर पहुँचने वाली वह पहली महिला बनीं।
पारंपरिक राजनयिकों के विपरीत, मारिया टीवी बहसों और सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहती हैं। यही वजह है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय जगत में रूसी सरकार के एक पब्लिक फेस के रूप में देखा जाता है। 2016 में बीबीसी की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में उन्हें शामिल किया जाना उनकी वैश्विक ख्याति को प्रमाणित करता है।
फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध के ठीक पहले, यूरोपीय संघ ने उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए। उन पर रूसी सरकारी प्रोपेगेंडा का नेतृत्व करने और सैन्य तैनाती का समर्थन करने का आरोप लगा। इन प्रतिबंधों के बाद उनके लिए यूरोपीय देशों के दरवाजे बंद हो गए और उनकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गईं।
आज मारिया जखारोवा पुतिन प्रशासन की सबसे भरोसेमंद हस्तियों में से एक हैं। पिछले 23 वर्षों में उनका लगातार बढ़ता कद सिर्फ उनकी योग्यता का परिणाम नहीं है, बल्कि पुतिन के प्रति उनकी गहरी निष्ठा का भी प्रमाण है। आज वे रूसी विदेश नीति के उस दुर्ग की रक्षक हैं, जो पश्चिमी देशों के किसी भी कूटनीतिक हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जानी जाती हैं।
Special briefing by FM Spokesperson Maria Zakharova, Moscow, October 6, 2015 http://t.co/2SyTiMurYw #Syria #ISIS pic.twitter.com/jCy9IGnQsf
— MFA Russia 🇷🇺 (@mfa_russia) October 7, 2015
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