रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। चीन के उभरते हुए स्टार्ट-अप स्पिरिट एआई (Spirit AI) ने अपने नए एम्बॉडेड एआई (Embodied AI) मॉडल स्पिरिट वी1.6 (Spirit v1.6) के जरिए अमेरिकी टेक दिग्गज एनवीडिया (Nvidia) को पीछे छोड़ दिया है।
रोबोअरीना (RoboArena) को रोबोटिक्स का सबसे कठिन और विश्वसनीय बेंचमार्क माना जाता है। यह सिर्फ भाषा या कोडिंग नहीं, बल्कि यह परखता है कि एआई दिमाग भौतिक दुनिया में रोबोट से कितनी सटीकता से काम करवा सकता है।
हालिया टेस्ट में स्पिरिट वी1.6 ने 1,924 का ऐतिहासिक स्कोर हासिल किया। इस स्कोर के साथ इसने एनवीडिया के चर्चित मॉडल कॉस्मॉस3-नेनो-पॉलिसी (1,881 स्कोर) और ड्रीमजीरो (1,763 स्कोर) को क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर धकेल दिया। यह पहली बार है जब किसी चीनी फिजिकल एआई ने इस ग्लोबल रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
यह टेस्ट यह सुनिश्चित करता है कि रोबोट जटिल परिस्थितियों में खुद को कैसे ढालते हैं। इसमें वस्तुओं को उठाना, बिना टकराए चलना, जटिल औजारों का उपयोग करना और अनजान माहौल में काम करना शामिल है। यह टेस्ट पूरी तरह रैंडमाइज्ड होता है, जिससे इसे किसी भी तरह के पुराने डेटा से हैक करना नामुमकिन है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि अब असली जंग चैटबॉट्स की नहीं, बल्कि फिजिकल एआई की है। यह वही तकनीक है जो भविष्य के ह्यूमनॉइड रोबोट्स, ऑटोनॉमस व्हीकल्स और स्मार्ट फैक्ट्रियों का संचालन करेगी। स्पिरिट एआई की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि एआई रेस में केवल बड़ी कंप्यूटिंग पावर ही नहीं, बल्कि कुशल डिजाइन और उच्च गुणवत्ता वाला डेटा भी जीत दिला सकता है।
चीन केवल एक कंपनी के दम पर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। मेनिफोल्ड एआई, एजीबॉट और डेक्सफोर्स जैसी कंपनियां लगातार वैश्विक बेंचमार्क पर अपनी धाक जमा रही हैं।
हाल ही में स्पिरिट एआई ने 1.5 बिलियन युआन (लगभग 222 मिलियन डॉलर) का भारी फंड जुटाया है। सरकारी और निजी संस्थानों का यह भारी-भरकम निवेश और असीमित डेटा एक्सेस यह स्पष्ट करता है कि वैश्विक टेक वॉर अब बेहद आक्रामक होने वाली है।
⚛ विज्ञान और प्रौद्योगिकी
Major news in embodied AI: Spirit AI, also known as Qianxun Intelligence, announced today that it has completed a RMB 1.5 billion Series A+ round.
— JemyChen (@JemyChen) June 3, 2026
The shareholder lineup is unusually strong: top-tier financial PE firms, international USD funds, industrial capital, and local… pic.twitter.com/GNSG5gR2rf
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