सीबीएसई (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर इन दिनों गंभीर सवाल उठ रहे हैं। झारखंड के 18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत द्वारा किए गए खुलासों ने बोर्ड से लेकर सरकार तक हड़कंप मचा दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया है।
क्या है सार्थक सिद्धांत का दावा? 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक ने संसदीय समिति के समक्ष सात पन्नों का एक विस्तृत प्रेजेंटेशन पेश किया। सार्थक का दावा है कि सीबीएसई ने वेंडर्स के चयन की टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली की है। उन्होंने ब्लॉग के जरिए टेंडर दस्तावेजों की तुलना करते हुए 15 बड़ी विसंगतियां उजागर की हैं।
कोएम्प्ट (Coempt) कंपनी पर गंभीर आरोप सार्थक के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में कोएम्प्ट (पूर्व में ग्लोबारेना) नाम की कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा, इस कंपनी का इतिहास बेहद संदिग्ध रहा है। पहले इसी तरह की खामियों के कारण छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा था। नए आरएफपी (RFP) में ब्लैकलिस्टेड होने के नियमों को जानबूझकर बदला गया ताकि ऐसी कंपनियों को दोबारा काम मिल सके।
बिना अनुभव वाली कंपनी को प्राथमिकता? सार्थक ने आरोप लगाया है कि पात्रता के मानदंडों में बदलाव कर टीसीएस (TCS) जैसी स्थापित कंपनियों को दरकिनार किया गया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 50 करोड़ की पात्रता सीमा को घटाकर और भ्रष्टाचार से जुड़े खंडों को हटाकर कोएम्प्ट को टेंडर दिलाने का पूरा पैटर्न तैयार किया गया था।
कैसे हुई इस घोटाले की शुरुआत? इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब सार्थक ने खुद 12वीं की परीक्षा दी और रिजल्ट के बाद अपनी स्कैन की गई आंसर शीट मांगी। अपनी शीट की जांच के दौरान उन्हें मार्किंग सिस्टम में गंभीर खामियां दिखाई दीं। इसके बाद उन्होंने खुद पड़ताल शुरू की और सबूत जुटाकर सोशल मीडिया व ब्लॉग पर सार्वजनिक कर दिए।
विपक्ष का भी मिला साथ मामले की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सार्थक सिद्धांत से मुलाकात की। सार्थक द्वारा उठाए गए सवालों के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके खुलासों में दम है और अब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की उम्मीद की जा रही है।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand | A class 12th student, Sarthak Sidhant, says, “…I have written a blog that compares the tender documents of CBSE. I have uploaded and published it… There were at least 15 discrepancies, as per my blog. I would like to highlight three or four of them.… pic.twitter.com/TtL7DgOe9M
— ANI (@ANI) May 30, 2026
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