मैं सांस नहीं ले पा रहा : मरते किशोर को हथकड़ी पहनाती रही पुलिस, भारतीय मूल के युवक को मानती रही पीड़ित
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ब्रिटेन के साउथैम्प्टन से एक बेहद चौंकाने वाला बॉडीकैम फुटेज सामने आया है। इस वीडियो में 18 साल का हेनरी नोवाक सड़क पर गंभीर रूप से घायल पड़ा है और पुलिस उसे बचाने के बजाय हथकड़ी पहना रही है। जबकि नोवाक बार-बार कह रहा था कि उसे चाकू मारा गया है, अधिकारी उसकी बात को अनसुना कर रहे थे।

मुझे नहीं लगता तुम्हें चाकू लगा है घटना के समय नोवाक दर्द से कराहते हुए कहता रहा, मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं। लेकिन वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उसे नजरअंदाज कर दिया। एक अधिकारी ने तो यह तक कह दिया, मुझे नहीं लगता कि तुम्हें चाकू लगा है, दोस्त। पुलिस ने आरोपी 23 वर्षीय भारतीय मूल के विक्रम डिगवा के झूठे बयानों पर भरोसा किया, जिसने दावा किया था कि नोवाक ने उस पर नस्लवादी हमला किया और उसकी पगड़ी गिरा दी।

दोषी साबित हुआ डिगवा साउथैम्प्टन क्राउन कोर्ट ने इस हफ्ते विक्रम डिगवा को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसे न्यूनतम 21 साल जेल में बिताने होंगे। जज विलियम माउसली ने स्पष्ट किया कि नोवाक ने कोई नस्लवादी टिप्पणी नहीं की थी और डिगवा का दावा पूरी तरह मनगढ़ंत था। नोवाक साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी का छात्र था।

ब्रिटेन में भड़का आक्रोश इस फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मैं सांस नहीं ले पा रहा के नारे के साथ सड़कों पर उतरकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पीएम कीर स्टारमर ने भी वीडियो पर गहरा दुख जताते हुए जांच की मांग की है। वहीं, विपक्षी नेता नाइजेल फाराज ने इसे दो-स्तरीय पुलिसिंग (Two-tier policing) का मामला बताते हुए पूर्वाग्रह के गंभीर आरोप लगाए हैं।

धार्मिक कृपाण बनाम 8 इंच का खंजर ब्रिटेन में सिखों को धार्मिक कारणों से कृपाण रखने की अनुमति है, लेकिन जांच में सामने आया कि डिगवा के पास एक 8 इंच लंबा खतरनाक खंजर था, जिसका इस्तेमाल उसने हत्या में किया। जज ने इस बात पर चिंता जताई कि इस घटना ने सिख समुदाय की सुरक्षा को भी प्रभावित किया है।

परिवार की शांति की अपील विवादों के बीच नोवाक के पिता मार्क ने एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की मौत को नफरत फैलाने या दंगे भड़काने के लिए इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने मांग की कि इस दुखद घटना का उपयोग सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य माता-पिता को अपना बच्चा न खोना पड़े।

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