पटना में सरकारी बंगलों को लेकर छिड़ा विवाद अब अपने चरम पर है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से जुड़े मामले पर मचे हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष को कड़ा जवाब दिया है।
बेटा और मां को अलग-अलग घर का मोह सम्राट चौधरी ने बिना नाम लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, कुछ लोगों को सरकारी आवास का मोह है। बेटा अलग घर चाहता है और मां अलग घर चाहती हैं। यह राजशाही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दिन उनकी पार्टी और नेतृत्व कहेगा कि उनका काम समाप्त हो गया है, वे 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर वहां से चले जाएंगे।
लोक सेवक आवास का विस्तार और विपक्ष के आरोप विवाद की जड़ मुख्यमंत्री आवास ( 1, अणे मार्ग ) और पूर्व उपमुख्यमंत्री के बंगले ( 5, देशरत्न मार्ग ) का विलय है। अब 1, अणे मार्ग को लोक सेवक आवास के नाम से जाना जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के हिस्से का बंगला भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे यह परिसर करीब 10 एकड़ (16 बीघा) में फैल गया है।
पीएम के बंगले से भी बड़ा आवास का दावा राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। सिद्दीकी का आरोप है कि बिहार जैसे गरीब राज्य के मुख्यमंत्री का बंगला अब प्रधानमंत्री के आवास से भी बड़ा और आलीशान हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में भी टाइप-8 बंगला ले रखा है, जबकि राज्य में वे उपमुख्यमंत्री के लिए आवंटित आवासों को भी अपने ठिकाने में समाहित कर रहे हैं।
लकी बंगले की चर्चा राजनीतिक गलियारों में 5, देशरत्न मार्ग को लेकर हमेशा वास्तु दोष की चर्चा रही है, क्योंकि यहां रहने वाले कई उपमुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए थे। हालांकि, सम्राट चौधरी ने प्रवेश द्वार बदलकर और विभिन्न बदलाव कर इसे अपने लिए लकी साबित किया है। इसी आवास में रहने के दौरान वे मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे।
विवाद का मुख्य केंद्र विपक्ष का मुख्य सवाल यह है कि यदि मुख्यमंत्री इतने ही नियमों के पाबंद हैं, तो वे अन्य उपमुख्यमंत्रियों को उनके लिए पूर्व से निर्धारित बंगले आवंटित क्यों नहीं कर रहे हैं? विपक्ष का आरोप है कि राबड़ी देवी के मामले में जो रुख अपनाया गया है, वह राजनीतिक विद्वेष और बदले की भावना से प्रेरित है।
*मैं 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर चला जाऊंगा।पटना: राबड़ी देवी के बंगला विवाद पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “कुछ लोगों को सरकारी आवास का मोह है। बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं। जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कह देंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, मैं 24… pic.twitter.com/V4r47Qe8aW
— FirstBiharJharkhand (@firstbiharnews) June 2, 2026
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24 घंटे में झोला उठाकर निकल जाऊंगा : सरकारी बंगले पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान
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