भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। घुसपैठ, नार्को तस्करी, हवाला फंडिंग और साइबर क्राइम जैसे खतरों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने मिशन बॉर्डर नाम की एक नई और सख्त रणनीति तैयार की है। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (29 मई 2026) को गुजरात के कच्छ में भारत-पाकिस्तान सीमा का दौरा किया।
जवानों के हौसले को सलाम कच्छ स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) G-7 पर बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता जवानों के प्रति सम्मान रखती है। उन्होंने कहा, आप दुर्गम रेगिस्तान और 50 डिग्री तापमान में भी जो सेवा देते हैं, उसी की बदौलत आज पूरा देश चैन की नींद सो पाता है।
अभेद्य होगा सुरक्षा तंत्र सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर अमित शाह ने कहा कि सरकार ने एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड स्थापित कर लिया है। उन्होंने बताया कि हरामी नाला जैसे संवेदनशील इलाकों को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा चौकियों और उनके आसपास के पूरे क्षेत्र को जमीन से 3.75 मीटर ऊपर उठाया गया है। गृह मंत्री ने खुद तीन महीने तक इस निर्माण कार्य की व्यक्तिगत निगरानी की थी।
बंगाल में अब नहीं टिकेंगे घुसपैठिए गृह मंत्री ने स्वीकार किया कि बंगाल सीमा पर अधूरा फेंसिंग काम सुरक्षा की सबसे बड़ी खामी थी। उन्होंने कहा कि हाल ही में बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद इस दिशा में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने एक हफ्ते के भीतर ही फेंसिंग के लिए जमीन आवंटित कर दी है। फेंसिंग पूरी होते ही सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी।
अवैध नागरिकों की होगी घर वापसी सीमा सुरक्षा पर विदेश मंत्रालय ने भी कड़ा रुख अपनाया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे नागरिकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत ने बांग्लादेश को 2,680 से अधिक लोगों की सूची सौंपी है ताकि उनकी नागरिकता की पुष्टि हो सके। नागरिकता सिद्ध होते ही इन अवैध नागरिकों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
गृह मंत्रालय के इस मिशन बॉर्डर का उद्देश्य न केवल सीमाओं को भौतिक रूप से मजबूत करना है, बल्कि तकनीकी चुनौतियों को पार कर देश की आंतरिक सुरक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है।
#WATCH | Bhuj, Gujarat: Union Home Minister Amit Shah says, ... We have gradually succeeded in establishing a robust security grid across this entire region. I am acutely aware of the immense technical challenges that had to be overcome to erect the towers currently standing… https://t.co/oVC22I3x6M pic.twitter.com/gLCBWqMvEv
— ANI (@ANI) May 29, 2026
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