जेफ बेजोस को बड़ा झटका: लॉन्चपैड पर धमाके से दहला न्यू ग्लेन रॉकेट, अरबों का नुकसान
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दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शुमार जेफ बेजोस की एयरोस्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन को एक बड़ा तकनीकी और आर्थिक झटका लगा है। 29 मई को कंपनी के महत्वाकांक्षी न्यू ग्लेन (New Glenn) रॉकेट के हॉट-फायर टेस्ट के दौरान लॉन्च फैसिलिटी सेंटर पर एक भीषण विस्फोट हुआ।

धमाका इतना तेज कि दहल उठा इलाका यह विस्फोट उस समय हुआ जब भविष्य के मिशनों की तैयारी के लिए रॉकेट का परीक्षण किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लॉन्च साइट से आग का एक विशाल गोला उठता और आसमान में काला धुआं फैलते देखा जा सकता है। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के मकान तक हिल गए।

क्या होता है हॉट-फायर टेस्ट? हॉट-फायर टेस्ट किसी भी रॉकेट के लिए अग्निपरीक्षा की तरह होता है। इसमें रॉकेट के इंजनों को जमीन पर ही पूरी क्षमता के साथ चलाया जाता है ताकि ईंधन प्रणाली और तकनीकी हिस्सों की कार्यक्षमता जांची जा सके। यह किसी भी लॉन्च से पहले की सबसे महत्वपूर्ण रिहर्सल होती है।

कंपनी का आधिकारिक रुख ब्लू ओरिजिन ने घटना को एक विसंगति (anomaly) करार दिया है। कंपनी ने अपने संक्षिप्त बयान में कहा, आज के परीक्षण के दौरान एक विसंगति हुई। गनीमत यह रही कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। कंपनी ने अभी तकनीकी कारणों का खुलासा नहीं किया है।

अरबों का हुआ नुकसान हालांकि कंपनी ने वित्तीय नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस हादसे में 651 करोड़ रुपये से लेकर 1057 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। इसमें रॉकेट की लागत के अलावा साइट पर मौजूद महंगे तकनीकी उपकरणों का खर्च अलग है।

रॉकेट बनाना कठिन है : जेफ बेजोस हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए जेफ बेजोस ने कहा, यह एक कठिन दिन है, लेकिन हम जो कुछ भी दोबारा बनाने की जरूरत है, उसे बनाएंगे और उड़ान जारी रखेंगे। यह सब इसके लायक है। एलन मस्क ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण। रॉकेट बनाना वाकई कठिन काम है।

क्यों खास है न्यू ग्लेन ? न्यू ग्लेन ब्लू ओरिजिन का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। 98 मीटर ऊंचा यह रॉकेट भारी सैटेलाइट्स को कक्षा में ले जाने के लिए बनाया गया है। इसके जरिए कंपनी वैश्विक स्पेस मार्केट में एलन मस्क की स्पेस-एक्स (SpaceX) को टक्कर देने की तैयारी कर रही थी।

आगे की राह क्या? स्पेस इंडस्ट्री में ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं; कई सफल मिशनों के पीछे शुरुआती दौर की विफलताएं छिपी होती हैं। फिलहाल, ब्लू ओरिजिन का पूरा ध्यान विस्फोट के कारणों का पता लगाने और अपने प्रोग्राम को दोबारा पटरी पर लाने पर है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि यह कंपनी इस झटके से कितनी जल्दी उबर पाती है।

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