बकरा व्यापारियों पर कार्रवाई: बीजेपी नेता का अपनी ही सरकार से तीखा सवाल, पूछा- बकरों की गाड़ियों को क्यों रोका जा रहा?
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महाराष्ट्र के मीरा-भयंदर में बकरीद से पहले बकरा व्यापारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। बीजेपी नेता हाजी अराफात शेख ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाते हुए परिवहन नियमों को स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने बकरा ढोने वाले वाहनों के साथ हो रही ज्यादती पर कड़ी आपत्ति जताई है।

गाय-बैल नहीं, सिर्फ बकरे हैं हाजी अराफात ने साफ़ किया कि मुस्लिम समाज गौवंश हत्या बंदी कानून का पूरा सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने गौवंश की रक्षा की बात कही है, तो समाज पूरी तरह उनके साथ है। लेकिन, समस्या तब होती है जब वाहनों में सिर्फ बकरे होते हैं, फिर भी उन्हें रोका जाता है। उन्होंने पूछा, जब गाय या बैल का कोई संबंध ही नहीं है, तो बकरों की गाड़ियों को परेशान क्यों किया जा रहा है?

पुलिस और NGO की भूमिका पर सवाल बीजेपी नेता ने स्थानीय पुलिस और जीव दया संस्थाओं की साठगांठ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अराफात के अनुसार, ओवरलोडिंग के नाम पर गाड़ियां पकड़कर उन्हें पुलिस गौशालाओं में भेज देती है। उन्होंने सवाल किया कि अगर मामला ओवरलोड का है, तो अधिकार क्षेत्र आरटीओ (RTO) का है, न कि पुलिस का। उन्होंने पूछा कि जब्त बकरों को देवनार स्लॉटर हाउस या सरकारी कस्टडी में देने के बजाय गौशाला क्यों भेजा जा रहा है?

व्यापारियों की बर्बादी का डर अराफात शेख ने इस कार्रवाई को गरीब किसानों और व्यापारियों के लिए आर्थिक तबाही बताया। उन्होंने बताया कि दूर-दराज के राज्यों से अपनी साल भर की कमाई लगाकर आए व्यापारियों की गाड़ियां जब्त कर ली जाती हैं। कोर्ट बंद होने के कारण महीनों गाड़ियां फंसी रहती हैं, और गौशालाओं में चारा-पानी न मिलने से बकरों की मौत हो रही है, जिससे व्यापारी बर्बाद हो रहे हैं।

केज सिस्टम की गाइडलाइन की मांग व्यापारियों की मजबूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बकरों की सुरक्षा के लिए उन्हें सटाकर खड़ा करना पड़ता है। उन्होंने परिवहन मंत्रालय से एक आधिकारिक केज सिस्टम गाइडलाइन तय करने की मांग की है। उनका तर्क है कि अगर सरकार खुद मानक तय कर दे, तो व्यापारियों को ओवरलोडिंग के नाम पर होने वाली अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग से बचाया जा सकता है।

मुस्लिम समुदाय से जिम्मेदारी की अपील बीजेपी नेता ने अपने समुदाय से भी अपील की कि वे नियमों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सोसायटियों या रास्तों पर खुले में कुर्बानी के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि इससे दूसरों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्लॉटर हाउस में ही कुर्बानी की जानी चाहिए। अंत में, अराफात शेख ने कहा कि वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे ताकि त्योहार के दौरान व्यापारियों को अनावश्यक प्रताड़ना से बचाया जा सके।

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