भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर अब एक नई और आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती करीब 6,000 किलोमीटर लंबी संवेदनशील सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए स्मार्ट-बॉर्डर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। इसका मुख्य मकसद घुसपैठ, तस्करी और आतंकवाद पर पूर्ण विराम लगाना है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि सरकार आने वाले समय में सीमा सुरक्षा के पारंपरिक तरीकों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। बीएसएफ के एक कार्यक्रम में शाह ने बताया कि अब सीमा पर केवल जवान तैनात नहीं होंगे, बल्कि ड्रोन, रडार, एडवांस सर्विलांस सिस्टम और स्मार्ट कैमरों का एक मजबूत सुरक्षा जाल बिछाया जाएगा। यह सिस्टम देश की मौजूदा व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली (CIBMS) का उन्नत संस्करण होगा।
अमित शाह के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लक्ष्य सीमा पार से आने वाले अवैध प्रवासियों, आतंकवादियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को पूरी तरह रोकना है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार घुसपैठ करने वाले हर व्यक्ति की पहचान कर उसे वापस भेजने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ जल्द ही एक उच्च-स्तरीय बैठक भी की जाएगी।
इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक को शामिल किया गया है, ताकि कठिन से कठिन भूभाग में भी दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखी जा सके:
पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर कई ऐसे हिस्से हैं जहाँ घनी जंगल, नदियां और दलदल होने के कारण भौतिक बाड़ (Fencing) लगाना नामुमकिन है। असम का धुबरी इलाका इसका बड़ा उदाहरण है। सरकार पहले ही यहाँ BOLD-QIT प्रोजेक्ट के जरिए तकनीकी निगरानी का सफल परीक्षण कर चुकी है। स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट इसी तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने का अगला चरण है।
तकनीक जितनी आधुनिक है, चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीक के भरोसे सुरक्षा नहीं हो सकती। खराब मौसम, घनी आबादी वाली सीमा और भू-राजनीतिक चुनौतियां अक्सर तकनीकी उपकरणों की कार्यक्षमता को प्रभावित करती हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश के साथ निर्माण संबंधी कुछ कूटनीतिक आपत्तियां भी बनी रहती हैं।
वर्ष 2019 से ही सरकार चरणबद्ध तरीके से इस दिशा में काम कर रही है। अब अमित शाह की यह नई घोषणा दर्शाती है कि भारत न केवल अपनी सीमाओं को तकनीक से लैस कर रहा है, बल्कि सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
#WATCH | Delhi | Union Home Minister Amit Shah says, The Government of India has ensured that by the 60th anniversary of the BSF, the Ministry of Home Affairs will provide technical support to the Border Security Force in establishing a uniform smart border, under a single… https://t.co/hK6Tu6V7ju pic.twitter.com/KvJsLqM5pv
— ANI (@ANI) May 22, 2026
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