लाल किले के लिए रवाना हुआ आदिवासियों का जत्था; चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पर साधा निशाना
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सरायकेला: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने टाटानगर रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली जाने वाले सैकड़ों आदिवासियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये लोग जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वावधान में दिल्ली के लाल किले में आयोजित होने वाले जनजाति सांस्कृतिक समागम में शामिल होने जा रहे हैं।

आदिवासियों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस जिम्मेदार इस मौके पर चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों के दमन का काम किया है। पूर्व सीएम ने कहा, झारखंड आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने आदिवासियों पर लाठी और गोलियां चलवाईं। अगर कांग्रेस सच में आदिवासियों की हितैषी होती, तो 1961 की जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को कभी नहीं हटाती।

कार्तिक उरांव के प्रस्ताव की अनदेखी का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 1967 में बाबा कार्तिक उरांव ने संसद में डिलिस्टिंग प्रस्ताव पेश किया था। इसमें मांग की गई थी कि जो आदिवासी धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। 1969 की संसदीय समिति की सिफारिशों के बावजूद, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ईसाई मिशनरियों के दबाव में आकर इस महत्वपूर्ण विधेयक को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

भाजपा को बताया आदिवासी हितैषी चंपाई सोरेन ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद एकलव्य स्कूल बनवाए, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया और पीएम जनमन जैसी कई योजनाएं शुरू कीं। उन्होंने गर्व से कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर एक आदिवासी महिला को बैठाने का गौरव भी भाजपा के कार्यकाल में ही हासिल हुआ।

संस्कृति बचाने के लिए डिलिस्टिंग अनिवार्य कांग्रेस द्वारा इस समागम के बहिष्कार की अपील पर बिफरे पूर्व सीएम ने कहा कि यह पार्टी हमेशा से आदिवासी संस्कृति विरोधी रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपनी परंपराओं, जाहेरस्थानों और सरना स्थलों को बचाने के लिए डिलिस्टिंग (धर्म परिवर्तित आदिवासियों को आरक्षण से बाहर करना) अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन की मांग दोहराई।

दिल्ली में जुटेंगे लाखों आदिवासी आगामी 24 मई को नई दिल्ली के लाल किले में विशाल जनजाति सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया गया है। इस भव्य कार्यक्रम में देश भर से लाखों आदिवासी शामिल होंगे। गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, जिसमें पूर्व सीएम चंपाई सोरेन सहित कई वरिष्ठ आदिवासी नेता अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

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