रांची पुलिस मुख्यालय में उस वक्त एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब 27 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने के लिए पुलिस के सामने अपने हथियार डाले। इस सामूहिक आत्मसमर्पण में सबसे ज्यादा चर्चा उस महिला नक्सली की रही, जो अपनी गोद में एक साल से भी छोटा बच्चा लेकर पहुंची थी।
बच्चे के साथ नई शुरुआत गोद में मासूम को थामे खड़ी महिला नक्सली का स्वागत डीजीपी तदाशा मिश्रा ने शॉल ओढ़ाकर और बुके देकर किया। मुख्यधारा में लौटने के उसके संकल्प को देख वहां मौजूद अधिकारी भी भावुक हो गए। यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
संगठन में सिर्फ चूल्हा-चौका सरेंडर करने वाली महिला नक्सलियों ने खुलासा किया कि संगठन में उनकी भूमिका केवल खाना बनाने तक सीमित थी। एक महिला नक्सली ने तो यहां तक बताया कि संगठन में रहने के दौरान उसने कभी बंदूक नहीं उठाई। मुठभेड़ के समय वे सभी सुरक्षित स्थान पर हट जाया करती थीं। सरेंडर करने वालों में वंदना, सुनिता सरदार, सपना, निति माई और अनिशा कोड़ा जैसी कई महिला कैडर शामिल हैं।
बड़े कमांडरों ने भी छोड़ी बंदूक इस कार्यक्रम में जोनल कमांडरों और सब-जोनल कमांडरों समेत कुल 27 नक्सलियों ने हथियार डाले। इनमें 6 जोनल कमांडर, 6 एरिया कमांडर और 13 सक्रिय कैडर शामिल हैं। इन सभी का स्वागत झारखंड की पुनर्वास नीति के तहत किया गया और उन्हें प्रोत्साहन राशि देने का वादा भी किया गया।
हथियारों का जखीरा और पुलिस की बड़ी कामयाबी नक्सलियों ने 16 आधुनिक हथियार और 2857 जिंदा कारतूस पुलिस को सौंपे। इनमें 5 इंसास राइफल, 9 एसएलआर, एक राइफल और एक पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 27 मैगजीन और 8 वॉकी-टॉकी भी बरामद किए गए हैं।
टॉप नक्सलियों पर बढ़ा दबाव सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण भाकपा-माओवादी के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर मिसिर बेसरा और असीम मंडल के लिए एक बड़ा झटका है। इन दोनों पर एक-एक करोड़ रुपये का इनाम है। पुलिस को आशंका है कि शीर्ष नक्सली दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे हो सकते हैं, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के कारण उनका नेटवर्क धीरे-धीरे टूट रहा है।
पद और उनकी संख्या:
*झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा की उपस्थिति में रांची में पुलिस के समक्ष कुल 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। भाकपा-माओवादी से जुड़े उग्रवादियों ने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए। #jharkhand pic.twitter.com/7OFc3owvEG
— NBT Bihar (@NBTBihar) May 21, 2026
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