सायोनी घोष का ओपन बुक चैलेंज: संपत्ति विवाद पर टीएमसी सांसद ने दिया दो-टूक जवाब
News Image

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों टीएमसी सांसद सायोनी घोष की संपत्ति और उनके चुनावी हलफनामों को लेकर घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दल लगातार उनकी आय के स्रोतों और संपत्तियों में हुई असामान्य बढ़ोतरी पर सवाल उठा रहे हैं। इस विवाद के बीच सायोनी घोष ने मोर्चा संभालते हुए विपक्ष को सीधे चुनौती दी है।

क्या है पूरा मामला? हाल ही में बंगाल बीजेपी ने 43 ऐसी संपत्तियों की एक सूची जारी की है, जिनका संबंध टीएमसी के कद्दावर नेता अभिषेक बनर्जी से बताया जा रहा है। इस फेहरिस्त में सायोनी घोष का नाम भी सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि उनकी एक संपत्ति अभिषेक बनर्जी या उनके सहयोगियों के साथ साझा की गई है। इस खुलासे के बाद से ही सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है।

मेरे हलफनामों की तुलना करें इन आरोपों का जवाब देते हुए सायोनी घोष ने मीडिया के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, आप मेरे 2021 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे और मौजूदा चुनावी हलफनामे की तुलना कर सकते हैं। इसमें साफ दिखेगा कि मैंने कितना कमाया है और क्या बदलाव आए हैं।

सांसद ने जोर देकर कहा कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर वह संवैधानिक प्रक्रिया से बंधी हैं और हलफनामे में गलत जानकारी देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने अपने वित्तीय रिकॉर्ड को ओपन बुक बताते हुए पूरी पारदर्शिता का दावा किया है।

प्रशासन की कार्यकुशलता पर कसा तंज अपनी सफाई के साथ-साथ सायोनी घोष ने कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) पर भी निशाना साधा। उन्होंने केएमसी के एक हालिया नोटिफिकेशन का जिक्र करते हुए कहा कि जिस प्रशासन को आधिकारिक दस्तावेजों में Premises जैसे शब्दों की सही स्पेलिंग नहीं पता, वे दूसरों की ईमानदारी पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इसे प्रशासन की गंभीरता और कार्यकुशलता पर बड़ा सवाल बताया।

क्या यह सिर्फ बचाव है? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सायोनी घोष का यह आक्रामक रुख विपक्ष के हमलों को काउंटर करने की एक सोची-समझी रणनीति है। टीएमसी यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि पार्टी भ्रष्टाचार के आरोपों से डरने के बजाय उनका सामना करने के लिए तैयार है।

हालांकि, बीजेपी ने सायोनी घोष के दावों को खारिज करते हुए इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि क्या सायोनी घोष का यह खुला चैलेंज उन्हें विवादों से बाहर निकाल पाएगा या आने वाले समय में जांच एजेंसियां इस पर कोई सख्त रुख अपनाएंगी।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

वैभव सूर्यवंशी का सीक्रेट सेलिब्रेशन: ऑन-एयर टाल गए बात, ड्रेसिंग रूम में खोला राज

Story 1

मेलोडी का जादू: पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की दोस्ती के 5 वायरल मोमेंट्स

Story 1

जीत के बाद दुश्मन के मालिक के पैर छुए, क्या वैभव सूर्यवंशी ने ऋषभ पंत की टीम का अहंकार तोड़ा?

Story 1

गांव की सुनसान रातों में खौफ का बसेरा: जैकी श्रॉफ और शरद केलकर की हॉरर फिल्म खेती का फर्स्ट लुक रिलीज

Story 1

ट्विशा शर्मा केस: बढ़ता जा रहा है सीबीआई जांच का दबाव, विपक्ष ने सरकार को घेरा

Story 1

पिता का साया उठा, न पेंशन थी न बचत; संघर्ष की आग में तपकर हीरा बना यह छात्र

Story 1

सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर अखिलेश यादव: क्या 2027 में प्रभु राम ही होंगे सपा की नैया के खेवनहार?

Story 1

मैदान पर हेरा फेरी : रिजवान-लिटन की बहस में शांतो ने मारा बॉलीवुड का तड़का

Story 1

CBSE का ऑन-स्क्रीन संकट: पोर्टल क्रैश और खराब रिजल्ट से छात्रों में उबाल, उठाई बहिष्कार की मांग

Story 1

IPL 2026: प्लेऑफ की आखिरी सीट के लिए जंग, क्या चमत्कार कर पाएगी KKR?