भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब गरमाता जा रहा है। मृतका के परिजन जांच प्रक्रिया पर न केवल सवाल उठा रहे हैं, बल्कि पूरे मामले में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर अड़े हैं।
पिता का आरोप: सबूतों के साथ छेड़छाड़ ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा ने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका आरोप है कि जांच को शुरुआत से ही प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर मिले निशानों (लिगेचर फाइंडिंग्स) जैसे अहम तथ्यों को जानबूझकर छिपाया गया है।
परिजनों का आरोप है कि शव को देर से सौंपा गया ताकि फोरेंसिक साक्ष्य नष्ट हो जाएं। इसके अलावा, रिपोर्ट में मृतका की लंबाई तक गलत दर्ज की गई है, जो जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े करती है।
पुलिस का रुख: दूसरे पोस्टमार्टम पर नहीं है आपत्ति भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस को दूसरे पोस्टमार्टम पर कोई एतराज नहीं है। उन्होंने बताया कि परिजनों का आवेदन अब कोर्ट के पास है क्योंकि इसकी अनुमति देने का अधिकार न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं।
एम्स दिल्ली में ही पोस्टमार्टम क्यों? पीड़ित परिवार ने एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है। इसके पीछे मुख्य कारण भोपाल की एक स्थानीय सर्जन हैं, जो आरोपी सास की रिश्तेदार हैं। परिजनों को डर है कि यदि भोपाल या आस-पास के क्षेत्र में पोस्टमार्टम हुआ, तो जांच को प्रभावित किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पोस्टमार्टम के दौरान भी उक्त सर्जन को एम्स भोपाल के पास देखा गया था।
अदालत की निगरानी में जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए अब भोपाल अदालत ने केस डायरी तलब की है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ट्विशा की मौत के तीन दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई और पोस्टमार्टम के दौरान फंदे के लिए इस्तेमाल वस्तु तक उपलब्ध नहीं कराई गई। इस मामले में दहेज हत्या और प्रताड़ना के तहत पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर मुकदमा दर्ज है।
क्या एसआईटी निकाल पाएगी सच? मामले की जांच के लिए अब एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि पति समर्थ सिंह (जो पेशे से वकील हैं) की गिरफ्तारी के लिए टीमें छापेमारी कर रही हैं। हालांकि, परिवार का कहना है कि अगर आरोपी निर्दोष हैं, तो वे स्वतंत्र चिकित्सकीय परीक्षण से क्यों डर रहे हैं?
क्या एसआईटी इस पेचीदा मामले से पर्दा उठा पाएगी या यह मामला कानूनी उलझनों में ही दबा रह जाएगा? इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
*#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh | Twisha Sharma death case | Victim s father, Navnidhi Sharma, says, We urge the Supreme Court to take immediate cognisance of this matter and to make the necessary arrangements for an independent inquiry...
— ANI (@ANI) May 20, 2026
He also says, ...It clearly… pic.twitter.com/FR3X5NdNMm
मॉनसून 2026: समय से पहले दस्तक की आहट, केरल समेत कई राज्यों में NDRF तैनात
बर्थडे पर फैंस से बदसलूकी देख भड़के जूनियर एनटीआर, सिक्योरिटी टीम को लगाई फटकार
कॉकरोच जनता पार्टी : 5 दिन में 4.2 मिलियन फॉलोअर्स, सिस्टम के खिलाफ युवाओं का डिजिटल विद्रोह
रोम में दोस्त से मिले पीएम मोदी: कोलोसियम में डिनर और रणनीतिक साझेदारी पर मंथन
मोहम्मद आमिर ने छोड़ी पाकिस्तान की नागरिकता, अब ब्रिटिश पासपोर्ट के साथ शुरू करेंगे नई पारी
हापुड़ में लाल मौत की फैक्ट्री: टमाटर नहीं, केमिकल और सड़े रंगों से बन रहा था सॉस
चीन-पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन: भारत के अचूक सूर्यास्त्र ने चांदीपुर में भरी हुंकार
ट्रंप या पुतिन: बीजिंग में किसे मिला ज्यादा सम्मान? चीन की कूटनीति के 3 बड़े संकेत
भारत-इटली की नई ग्लोबल केमिस्ट्री : पीएम मोदी और मेलोनी ने साझा ब्लॉग में खोला 2029 का बड़ा विजन
ओवर-एक्टिंग के 50 पैसे काटेंगे : मैदान पर रिजवान का मजाक उड़ाकर चर्चा में आए बांग्लादेशी खिलाड़ी