ताइपे: ताइवान में एक स्थानीय नेता द्वारा लगाए गए एक विवादित बिलबोर्ड ने वहां रह रहे भारतीयों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। काओहसियुंग शहर के सियाओगांग जिले से स्वतंत्र उम्मीदवार ली हंग-यी ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान भारत के खिलाफ नफरत फैलाने वाली सामग्री का इस्तेमाल किया है।
ली हंग-यी द्वारा लगाए गए इस बिलबोर्ड पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और पगड़ी पहने एक व्यक्ति की तस्वीर बनी है, जिस पर बड़े अक्षरों में नहीं (क्रॉस का निशान) अंकित है। यह पोस्टर सीधे तौर पर भारत से आने वाले श्रमिकों के खिलाफ एक नस्लीय घृणा को दर्शाता है। ली का दावा है कि वह भारतीयों को ताइवान में आने से रोकना चाहते हैं।
ताइवान और भारत के बीच 2024 में हुए प्रवासी श्रमिक समझौते (MoU) के बाद से स्थानीय राजनीति गरमाई हुई है। विपक्षी दल, कुओमिन्तांग (KMT) सहित कई धड़े इस समझौते का विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि भारतीय श्रमिकों के आने से देश में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस नैरेटिव का इस्तेमाल अब चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है।
ताइवान में रह रहे भारतीय समुदाय ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। वहां रहने वाले एक भारतीय नागरिक ने इसे खुलेआम और सीधा नस्लीय भेदभाव करार दिया है। भारतीयों का कहना है कि आप्रवासन नीति पर असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी की सांस्कृतिक पहचान और शारीरिक विशेषताओं को निशाना बनाकर द्वेष फैलाना पूरी तरह निंदनीय है।
नफरत फैलाने वाले इन बयानों के बावजूद, भारतीय नागरिक ताइवान की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल, ताइवान में करीब 5,000 से 7,000 भारतीय स्थायी या दीर्घकालिक रूप से रह रहे हैं।
इसके अलावा, हर साल हजारों भारतीय बिजनेस और टूरिज्म के लिए वहां जाते हैं। 2025 में ही 46,000 से अधिक भारतीयों ने ताइवान की यात्रा की थी। ताइवान के सेमीकंडक्टर और आईटी सेक्टर में सैकड़ों भारतीय इंजीनियर और विशेषज्ञ कार्यरत हैं, जो देश की तकनीकी उन्नति की रीढ़ माने जाते हैं।
यह घटना ताइवान के राजनीतिक ध्रुवीकरण को दर्शाती है। जहां ताइवान की सरकार भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहती है, वहीं कुछ स्थानीय नेता चुनावी फायदे के लिए नस्लवाद का कार्ड खेल रहे हैं। फिलहाल, ताइवान प्रशासन ने इस पर कोई बड़ी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह मुद्दा वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
The Taiwanese are not particularly fond of Indians. One political candidate in Kaohsiung vows to ban Indians from immigrating. pic.twitter.com/bKrvIoXi0W
— Ian Miles Cheong (@ianmiles) May 18, 2026
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