सड़कों पर नमाज पर प्रतिबंध: मजबूरी को बनाया जा रहा निशाना , अबू आजमी का योगी सरकार पर तीखा वार
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सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज अदा करने पर हाल ही में लगाई गई पाबंदियों ने देशभर में एक नई बहस को जन्म दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस मुद्दे पर दिए गए बयानों के बाद राजनीति गरमा गई है। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने इस फैसले को सीधे तौर पर एक समुदाय को निशाना बनाने की साजिश करार दिया है।

शौक नहीं, मजबूरी है मीडिया से बातचीत करते हुए अबू आजमी ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर नमाज पढ़ना कोई शौक नहीं, बल्कि एक मजबूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि मस्जिदों में जगह की कमी और भीड़ बढ़ने के कारण लोग कुछ मिनटों के लिए बाहर नमाज पढ़ने को मजबूर होते हैं। आजमी ने कहा कि इसे इस तरह पेश किया जा रहा है जैसे यह कोई बहुत बड़ा व्यवधान है, जबकि यह केवल कुछ मिनटों की इबादत है।

बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का आरोप अबू आजमी ने बीजेपी शासित राज्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में एक सोची-समझी रणनीति के तहत अल्पसंख्यकों को उनकी धार्मिक स्वतंत्रता से वंचित किया जा रहा है। आजमी का मानना है कि इन पाबंदियों का मकसद व्यवस्था सुधारना नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय को किनारे (हाशिए पर) धकेलना है। उनके अनुसार, ऐसी कार्रवाई समुदायों के बीच नफरत और दूरी बढ़ाने का काम कर रही है।

योगी सरकार पर विवादित टिप्पणी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया रुख पर नाराजगी जाहिर करते हुए अबू आजमी ने भड़काऊ लहजे में कहा, मुख्यमंत्री के पास सत्ता है। वे जो चाहें कर सकते हैं। वे जिसे चाहें शूट कर सकते हैं, वे किसी की भी हत्या करवा सकते हैं। आजमी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल आजमी ने जोर देकर कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हर नागरिक को अपनी आस्था का पालन करने का अधिकार है। उन्होंने प्रशासन को सलाह दी कि वे पाबंदियां लगाने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था करने पर ध्यान दें। इधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में ध्रुवीकरण की राजनीति को और तेज कर सकता है। जहां एक पक्ष इसे सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात के लिहाज से सही ठहरा रहा है, वहीं विपक्षी नेता इसे धार्मिक भेदभाव बता रहे हैं।

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