नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव खुलकर सामने आ गया। ईरान ने UAE पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे क्षेत्रीय हमलों में सीधे तौर पर शामिल बताया है।
हमलावर या मददगार? ईरान का कड़ा रुख ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने संयुक्त राष्ट्र के 1974 के प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि जो देश हमलावरों को सैन्य सुविधाएँ मुहैया कराते हैं, वे महज मददगार नहीं बल्कि खुद हमलावर की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि UAE की भूमिका इसी दायरे में आती है।
हम चुप नहीं बैठेंगे ग़रीबाबादी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, हम एक शक्तिशाली देश हैं। हम तब तक चुप नहीं रह सकते जब तक हमारे बुनियादी ढाँचे और नागरिकों को निशाना बनाया जाए, खासकर तब जब इसमें हमारे पड़ोसी देश (UAE) की सीधी भागीदारी हो।
आत्मरक्षा का तर्क और अमेरिकी ठिकानों का ज़िक्र ईरान ने अपने सैन्य कदमों को पूरी तरह वैध करार दिया। ग़रीबाबादी ने कहा कि तेहरान के पास UAE में स्थित उन सभी केंद्रों को निशाना बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, जहाँ अमेरिकी सैन्य भूमिका थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई यूएन चार्टर के तहत आत्मरक्षा का अधिकार है।
नागरिकों की मौतों का लगाया आरोप ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि UAE की संलिप्तता के कारण 130,000 आम नागरिकों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 4,000 से अधिक बेकसूर नागरिक मारे गए। ईरान का कहना है कि उनके पास UAE के हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने वाले हर लड़ाकू विमान का सटीक डेटा और रूट रिकॉर्ड मौजूद है।
ब्रिक्स देशों से एकजुटता की अपील वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिक्स सदस्यों से अमेरिकी दबाव और धमकियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बैठक में मौजूद कई देशों ने अमेरिकी ज़ोर-ज़बरदस्ती का दंश झेला है, इसलिए अब समय आ गया है कि इस नीति को पूरी तरह नकार दिया जाए।
कूटनीतिक गलियारों में हलचल ईरान द्वारा ब्रिक्स जैसे वैश्विक मंच पर UAE पर इतने गंभीर आरोप लगाना क्षेत्र के कूटनीतिक समीकरणों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब देखना यह है कि ब्रिक्स के अन्य सदस्य देश इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह मुद्दा आगामी सत्रों की शांति को प्रभावित करेगा।
Firm Response by the Deputy Foreign Minister to the Baseless Allegations Made by the UAE Representative
— Iran in India (@Iran_in_India) May 14, 2026
At the second session of the Meeting of BRICS Foreign Ministers currently underway in New Delhi, Dr. Kazem Gharibabadi, Deputy Foreign Minister for Legal and International… pic.twitter.com/wK06Ny402c
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