केंद्र सरकार ने देश के अपस्ट्रीम ऑयल और गैस सेक्टर के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने कच्चे तेल (Crude Oil), नेचुरल गैस और केसिंग हेड कंडेनसेट पर लगने वाली रॉयल्टी दरों और भुगतान प्रक्रियाओं को तर्कसंगत (rationalize) कर दिया है।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य नियमों की जटिलताओं को खत्म करना है, जिससे इस क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी।
सरल शब्दों में समझें तो, तेल और गैस निकालने वाली कंपनियों को सरकार को जो रॉयल्टी देनी होती है, उसके नियमों को अब पहले से कहीं अधिक स्पष्ट और न्यायसंगत बना दिया गया है।
सरकार ने ऑयलफील्ड्स रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (ORD Act) के तहत पेमेंट कैलकुलेशन के तरीकों को अपडेट किया है। अब तक अलग-अलग अनुबंधों और नीतियों के चलते रॉयल्टी को लेकर जो विसंगतियां थीं, उन्हें इस बदलाव के जरिए दूर कर दिया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे ऑयल एंड गैस व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि रॉयल्टी दरों के सरलीकरण से एक स्थिर और पूर्वानुमानित (predictable) ढांचा तैयार होगा।
जब नियम स्पष्ट और समान होते हैं, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल पुराने निवेशों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि नए निवेशकों को भी भारतीय एक्सप्लोरेशन सेक्टर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि यह निर्णय एक दशक लंबे उस प्रयास का नतीजा है, जिसका लक्ष्य नियामक ढांचे (regulatory framework) को आधुनिक बनाना था।
पुराने सिस्टम में जटिलताओं के कारण अक्सर प्रशासनिक दिक्कतें आती थीं। अब रॉयल्टी को वैश्विक मानकों के अनुरूप पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया गया है। इससे कंपनियों के लिए काम करना आसान होगा और भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूती मिलेगी।
यह फैसला भारत के ऊर्जा क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आने वाले समय में तेल और गैस के घरेलू उत्पादन में तेजी आने की उम्मीद है।
In a big boost for the country’s Upstream Sector, rationalization of royalty under the ORD Act marks a new era for our Oil & Gas regimes by eliminating inconsistencies and driving growth in the upstream sector under the leadership of PM Sh @narendramodi Ji.
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) May 11, 2026
This landmark… pic.twitter.com/xb60UNyalH
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