ब्रिगेड परेड ग्राउंड: लाल झंडों से भगवा राज्याभिषेक तक, बदल गई बंगाल की राजनीतिक धुरी
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कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड एक बार फिर इतिहास का गवाह बना है। जिस मैदान ने दशकों तक वामपंथी विचारधारा के लाल झंडों का दबदबा और ममता बनर्जी के विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन देखा, आज उसी जमीन पर भाजपा की पहली सरकार का राज्याभिषेक हुआ है। सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत की है।

ब्रिगेड का बदलता मिजाज कभी यह मैदान वामपंथी शासन की ताकत का प्रतीक हुआ करता था। 1970 के दशक से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के लिए यह मैदान अनिवार्य था, जहां उनकी रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ राज्य पर उनकी पकड़ का पैमाना मानी जाती थी। आज वही ब्रिगेड अब भगवा ब्रिगेड का रणक्षेत्र बन चुका है। सुवेंदु अधिकारी का यहां शपथ लेना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बंगाल की सियासी दिशा बदल चुकी है।

राजनीति का पावर सेंटर ब्रिगेड परेड ग्राउंड केवल एक मैदान नहीं, बल्कि बंगाल की सत्ता का औपचारिक प्रवेश द्वार है। विक्टोरिया मेमोरियल के बगल में स्थित यह विशाल क्षेत्र हमेशा से राजनीतिक दलों के लिए अपनी शक्ति सिद्ध करने का मंच रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस स्थान को चुनकर यह संदेश दिया है कि वह अब बंगाल की मुख्यधारा की राजनीति के केंद्र में है।

वैश्विक हस्तियों का गवाह रहा है यह मैदान ब्रिगेड का इतिहास केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहा। 1955 में सोवियत नेताओं निकिता ख्रुश्चेव और निकोलाई बुल्गानिन की ऐतिहासिक सभा हो या बांग्लादेश के उदय के समय शेख मुजीबुर रहमान और इंदिरा गांधी का साझा मंच, इस मैदान ने विश्व मंच पर अपनी धाक जमाई है। 2005 में ह्यूगो शावेज का यहां आना यह सिद्ध करता था कि ब्रिगेड अंतरराष्ट्रीय वैचारिक धाराओं का भी केंद्र रहा है।

विपक्ष की एकजुटता से भगवा विजय तक साल 2019 में ममता बनर्जी ने इसी ब्रिगेड के मंच से विपक्षी एकता का बिगुल फूंका था, ताकि भाजपा को घेरा जा सके। लेकिन ठीक कुछ सालों बाद, तस्वीर पूरी तरह उलट गई है। जिस भाजपा को कभी बंगाल में हाशिए की पार्टी माना जाता था, आज उसने 14 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी की रैली से लेकर आज सुवेंदु के शपथ ग्रहण तक, इस मैदान को अपनी जीत का प्रतीक बना लिया है।

एक नए अध्याय की शुरुआत शपथ ग्रहण के बाद सुवेंदु अधिकारी का मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशीर्वाद लेना इस बात का संकेत है कि भाजपा अब बंगाल की राजनीति में एक मजबूत और निर्णायक पारी खेलने के लिए तैयार है। ब्रिगेड की मिट्टी ने कई सरकारों का उदय और पतन देखा है, लेकिन यह पहला मौका है जब भगवा दल ने इतने भव्य और प्रतीकात्मक तरीके से यहां सत्ता संभाली है।

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