‘ऑपरेशन सिंदूर’ का काला सच: चीन ने भरी ‘सीक्रेट भूमिका’ की हामी, क्या पाकिस्तान बना ड्रैगन की लाइव वॉर लैब?
News Image

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए भीषण सैन्य तनाव को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने दक्षिण एशिया की सुरक्षा राजनीति में भूचाल ला दिया है। चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसके तकनीकी विशेषज्ञ पाकिस्तान में मौजूद थे और उन्होंने पाकिस्तानी वायुसेना को सीधी मदद दी थी।

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। भारतीय सेना ने पीओके और पाकिस्तान में आतंकवाद के नौ बड़े अड्डों को निशाना बनाया था, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी ढेर हुए थे।

CCTV इंटरव्यू से उठा पर्दे का राज चीन के सरकारी चैनल CCTV पर AVIC (एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना) के इंजीनियर झांग हेंग का एक इंटरव्यू सामने आया है। इसमें उन्होंने कबूला कि उनकी टीम पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद थी। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पाकिस्तानी वायुसेना के J-10CE लड़ाकू विमान युद्ध के दौरान अपनी पूरी क्षमता से काम करते रहें।

क्या पाकिस्तान चीन की लाइव लैब बन चुका है? रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन केवल पाकिस्तान को हथियार नहीं बेच रहा, बल्कि वास्तविक युद्ध स्थितियों में अपनी सैन्य तकनीक (मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट्स) का परीक्षण कर रहा है। भारतीय सेना के अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान का 81 प्रतिशत सैन्य हार्डवेयर चीनी निर्मित है, जिससे पाकिस्तान चीन की एक लाइव वॉर लैब में तब्दील हो चुका है।

बदल रहा है हवाई शक्ति का संतुलन पाकिस्तान अब 40 शेन्यांग J-35 स्टेल्थ फाइटर विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो दक्षिण एशिया का हवाई रक्षा संतुलन पूरी तरह से बदल जाएगा। यह केवल हथियारों की खरीद नहीं, बल्कि चीन और पाकिस्तान के बीच गहरे होते सैन्य एकीकरण का एक बड़ा संकेत है।

भारत के सामने दो नहीं, तीन मोर्चों की चुनौती रक्षा विशेषज्ञों और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि भविष्य में भारत को केवल पाकिस्तान से ही नहीं, बल्कि चीन के तकनीकी नेटवर्क से एक साथ निपटना पड़ सकता है। क्षेत्रीय गठबंधन तेजी से बदल रहे हैं, जहां तुर्की जैसी शक्तियों के नाम भी चर्चा में आ रहे हैं।

वैश्विक चिंता और सैन्य ध्रुवीकरण SIPRI के आंकड़ों के अनुसार, 2015 से अब तक चीन पाकिस्तान को 8.2 अरब डॉलर से अधिक के हथियार बेच चुका है। चीन का 63 प्रतिशत हथियार निर्यात अकेले पाकिस्तान को जाता है। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा यह खुलासा महज एक पुरानी घटना नहीं है, बल्कि यह इस ओर इशारा करता है कि दक्षिण एशिया एक बड़े सैन्य ध्रुवीकरण की कगार पर खड़ा है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अमेरिकी सरकार का बड़ा धमाका: UFO और एलियंस की 170 सीक्रेट फाइलें सार्वजनिक, तारे जैसी आकृति देख वैज्ञानिक हैरान

Story 1

जब मंच पर पीएम मोदी ने झुका दिया सिर: 98 वर्षीय कार्यकर्ता के पैर छूकर दी सम्मान की नई मिसाल

Story 1

रूस-यूक्रेन युद्ध में आया नया मोड़: ट्रंप ने किया तीन दिन के युद्धविराम का एलान

Story 1

बंगाल में नया सवेरा : सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, ‘सोनार बांग्ला’ का किया संकल्प

Story 1

सुवेंदु अधिकारी का अग्निपथ : मुख्यमंत्री बनते ही सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

Story 1

तमिलनाडु की सत्ता का विजय पथ: सरकार बनाने का दावा पेश, वाम दलों और कांग्रेस का मिला साथ

Story 1

मोमिनुल हक शतक से चूके तो पत्नी की डांट का सताया डर, बोले- आज घर पर खैर नहीं!

Story 1

तमिलनाडु का सियासी भूचाल अब दिल्ली पहुंचा: DMK ने कांग्रेस से बनाई दूरी, लोकसभा में सीट बदलने की मांग

Story 1

दीदी, आपको घर में घुसकर हराया : अमित शाह की दहाड़, सुवेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री

Story 1

राजस्थान SI भर्ती परीक्षा रद्द: 3.83 लाख उम्मीदवारों को फिर देनी होगी परीक्षा, जानें पूरी डिटेल