समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इंडिया गठबंधन में खलबली मचा दी है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ममता बनर्जी और एम. के. स्टालिन की तस्वीर साझा करते हुए अखिलेश ने लिखा, हम वो नहीं हैं, जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें। इस बयान को कांग्रेस के खिलाफ एक तीखे सियासी तीर के रूप में देखा जा रहा है।
किसके लिए है यह संदेश? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह संदेश सीधे तौर पर कांग्रेस नेतृत्व के लिए है। विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश ने यह बात तब कही है जब कांग्रेस और टीएमसी के बीच दूरियां बढ़ गई हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान कांग्रेस का ममता बनर्जी के प्रति रुख काफी आक्रामक रहा था। राहुल गांधी ने भी टीएमसी पर कई बार सवाल उठाए थे, जिसे अखिलेश ने गठबंधन धर्म के खिलाफ माना है।
अखिलेश-ममता की बढ़ती नज़दीकियां अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के संबंध काफी प्रगाढ़ हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान सपा ने अपने कोटे से ममता की पार्टी टीएमसी को एक सीट ऑफर की थी। अब अखिलेश का ममता के समर्थन में उतरना और उन्हें यह कहना कि आप हारी नहीं हैं , कांग्रेस के लिए एक कड़ा संदेश है कि इंडिया गठबंधन में सहयोगी दलों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूपी चुनाव: गठबंधन में सीट शेयरिंग का पेच अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। सपा और कांग्रेस मौजूदा समय में गठबंधन का हिस्सा तो हैं, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर दोनों के सुर अलग हैं। सपा चाहती है कि कांग्रेस को 50 से अधिक सीटें न दी जाएं, जबकि कांग्रेस 150 सीटों की मांग पर अड़ी है। अखिलेश का यह ताजा बयान कांग्रेस पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है।
क्या दरक रहा है विपक्षी एकता का आधार? लोकसभा चुनाव में यूपी के नतीजों ने इंडिया गठबंधन को नई ऊर्जा दी थी, जहां सपा ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन अब गठबंधन के भीतर की यह खटपट आगामी विधानसभा चुनावों की राह कठिन कर सकती है।
अखिलेश यादव अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे के साथ पूरी तरह सक्रिय हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सक्रियता अभी भी सवालों के घेरे में है। क्या कांग्रेस और सपा के बीच का यह वैचारिक मतभेद गठबंधन टूटने की आहट है, या महज दबाव की राजनीति? इसका जवाब आने वाले चुनाव ही देंगे।
हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें। pic.twitter.com/p1EosEJtvV
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 8, 2026
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