पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक अभूतपूर्व संवैधानिक संकट के मुहाने पर खड़ी है। चुनावी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे से साफ इनकार ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उनका कहना है कि उन्होंने चुनाव नहीं हारा, बल्कि उनके जनादेश को छीना गया है।
इस्तीफे पर ममता का अड़ियल रुख ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और न ही राजभवन का रुख करेंगी। उनका तर्क है कि पार्टी की करीब 100 सीटों को धांधली के जरिए हराया गया है। उनके इस दावे ने संवैधानिक नैतिकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या एक मुख्यमंत्री जनादेश के बाद भी पद पर बने रहने का दावा कर सकता है?
जेठमलानी का तीखा हमला: बाहर निकालो वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने ममता के इस रुख को लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती करार दिया है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री का पद छोड़ने से इनकार करना सत्ता के प्रति उनकी हताशा को दर्शाता है। जेठमलानी ने यहां तक सुझाव दिया कि यदि मुख्यमंत्री मर्यादा के साथ कुर्सी नहीं छोड़ती हैं, तो राज्यपाल के पास पुलिस बल का उपयोग कर उन्हें पद से हटाने का संवैधानिक अधिकार है।
संवैधानिक पेच और राज्यपाल की भूमिका भारतीय संविधान के तहत मुख्यमंत्री राज्यपाल की प्रसादपर्यंत पद पर बने रह सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो पुरानी सरकार का बने रहना संवैधानिक संकट को जन्म देता है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने भी चेतावनी दी है कि यदि इस्तीफा नहीं दिया गया, तो बर्खास्तगी एकमात्र विकल्प बचेगा।
कोर्ट या टकराव: अब आगे क्या? महेश जेठमलानी ने ममता को चुनौती दी है कि यदि उनके पास चुनावी धांधली के सबूत हैं, तो उन्हें सड़क पर हंगामा करने के बजाय अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए। बिना साक्ष्य के सत्ता से चिपके रहना संवैधानिक टकराव को सीधा न्योता देना है।
7 मई: एक निर्णायक मोड़ पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है। यह तारीख अब केवल एक संवैधानिक समय सीमा नहीं, बल्कि इस राजनीतिक ड्रामे का अंतिम अंक बन गई है। क्या ममता बनर्जी समय रहते कुर्सी छोड़ेंगी, या फिर राज्यपाल और राज्य प्रशासन के बीच सीधी भिड़ंत देखने को मिलेगी? अगले 48 घंटे भारत की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।
#WATCH | Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee says, I will not resign, I did not lose, I will not go to Raj Bhavan...The question doesn t arise. No. Now, I also want to say that we didn t lose the election. It is their attempt to defeat us. Officially, through the Election… pic.twitter.com/AKKFvQ2gvq
— ANI (@ANI) May 5, 2026
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