बंगाल चुनाव: अधीर रंजन चौधरी का टीएमसी पर बड़ा हमला, कहा- गुंडों के दम पर लोकतंत्र की हत्या
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टीएमसी को आड़े हाथों लिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बहरामपुर से उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बंगाल में टीएमसी धर्म की राजनीति का ढोंग कर रही है, वह उन्हें कतई शोभा नहीं देता। उन्होंने टीएमसी के चुनावी चरित्र पर सवाल उठाते हुए इसे राज्य के लिए घातक बताया।

नामांकन से लेकर जीत के प्रमाण पत्र तक पर रोक चौधरी ने आरोप लगाया कि बंगाल में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर पालिका चुनावों में टीएमसी के गुंडे और पुलिस मिलकर विपक्ष को नामांकन तक दाखिल नहीं करने देते। यदि कोई विपक्षी उम्मीदवार मजबूती से चुनाव लड़कर जीत भी जाता है, तो उसे जीतने का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) तक नहीं दिया जाता।

बीजेपी और पीएम मोदी के दावों का किया समर्थन अधीर रंजन चौधरी ने इस बार के मतदान के माहौल पर बड़ी बात कही। उन्होंने माना कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के कारण आम लोगों ने इस बार भयमुक्त होकर मतदान किया। यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे का समर्थन करता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल में दशकों बाद लोगों ने निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।

टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका बता दें कि इस बयान के बीच सुप्रीम कोर्ट से टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग के काम में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। टीएमसी ने केंद्र सरकार और पीएसयू (PSU) कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर बनाने के फैसले का विरोध किया था, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया है।

केंद्रीय बलों की वजह से सुधरा माहौल अपने बयानों के बाद सफाई देते हुए चौधरी ने कहा, इसका मतलब यह नहीं कि मैं बीजेपी का समर्थन कर रहा हूं, लेकिन यह सच है कि केंद्रीय बलों की तैनाती ने बंगाल में डर के माहौल को कम किया है। निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के पीछे सुरक्षाबलों की अहम भूमिका रही है।

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