क्या नतीजों से पहले ही घबरा गईं ममता? 9 मिनट के वीडियो से खड़ी हुई नई बहस
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पश्चिम बंगाल में नतीजों की आहट के साथ ही सियासत का पारा चरम पर है। वोटों की गिनती से कुछ दिन पहले, गुरुवार (30 अप्रैल) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक अलग ही रूप सामने आया। नौ मिनट के वीडियो में हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की नसीहत देतीं ममता की तस्वीरें कई बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।

क्या है ममता का अलर्ट मोड? ममता बनर्जी ने अपने वीडियो संदेश में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे EVM स्ट्रांगरूम की चौबीसों घंटे कड़ी पहरेदारी करें। उनका सीधा आरोप है कि 4 मई को वोटों की गिनती से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) मशीनों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें बदलने की साजिश रच सकती है।

बारिश में स्ट्रांगरूम तक पहुंचीं स्ट्रीटफाइटर वीडियो जारी करने के कुछ ही घंटों बाद, मुख्यमंत्री भारी बारिश की परवाह किए बिना दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम पहुंच गईं। भवानीपुर विधानसभा का यह केंद्र ममता की सीधी निगरानी में है। उन्होंने वहां पहुंचकर न केवल स्थिति का जायजा लिया, बल्कि EVM में गड़बड़ी की आशंका को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की।

बदला हुआ रुख, क्या है इसके पीछे? सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की है कि ममता का यह रुख अचानक क्यों बदला है? अतीत में TMC ने EVM की विश्वसनीयता पर राहुल गांधी की तरह मुखर होकर सवाल नहीं उठाए थे। पार्टी ने कभी-कभार वोट चोरी का जिक्र जरूर किया, लेकिन वह EVM को लेकर चल रही बड़ी राष्ट्रीय बहस से हमेशा दूरी बनाती रही।

सावधानी, रणनीति या घबराहट? जानकारों का मानना है कि ममता का यह कदम केवल सावधानी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है। TMC शुरू से ही BJP और चुनाव आयोग (ECI) के बीच मिलीभगत का आरोप लगाती रही है। नतीजों से ठीक पहले इस तरह का नैरेटिव सेट करके पार्टी अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने और भविष्य के लिए एक सेफ पैसेज तैयार करने की कोशिश कर रही है।

नतीजों से पहले का माहौल फिलहाल, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर जनता का फैसला EVM में बंद है। 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले जिस तरह से TMC सुप्रीमो ने खुद मैदान में उतरकर मोर्चा संभाला है, उससे साफ है कि पार्टी किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। क्या यह घबराहट है या जनता के जनादेश को सुरक्षित रखने की कवायद? इसका जवाब तो 4 मई को आने वाले नतीजों के बाद ही मिल पाएगा।

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